राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वाधान में 'जल महोत्सव 2026' का भव्य आयोजन ।
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सम्भल:
बहजोई महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वाधान में 'जल महोत्सव 2026' का भव्य आयोजन किया गया। 8 मार्च से 22 मार्च तक चलने वाले इस राष्ट्रीयव्यापी अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने जल की महत्ता पर सारगर्भित विचार रखे।
राजनीति विज्ञान के सहायक आचार्य नेमपाल सिंह यादव ने जल को जीवन का आधार बताते हुए इसके संरक्षण को अपरिहार्य बताया, वहीं अंग्रेजी के सहायक आचार्य सतेंद्र कुमार एवं हिंदी के सहायक आचार्य डॉ. विष्णुदत्त शर्मा ने भी अपने ओजस्वी विचारों से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। समाजशास्त्र के सहायक आचार्य संजय कुमार ने ज्वलंत मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल प्रदूषण और अति-दोहन ही वर्तमान संकट की जड़ हैं, जिन्हें सुधारकर हम सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकते हैं। इसी क्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने "जल है तो कल है" के मूल मंत्र को आत्मसात करने पर बल दिया। उन्होंने व्यावहारिक उदाहरण देते हुए कहा कि दैनिक दिनचर्या-जैसे कुल्ला करना, नहाना या वाहन धोना आदि में बाल्टी का प्रयोग कर हम बहुमूल्य जल की बड़ी बचत कर सकते हैं।
उन्होंने आगाह किया कि आज का आलस्य कल की प्यास बन सकता है। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गीता ने विद्यार्थियों को जल संरक्षण की सामूहिक शपथ दिलाते हुए कहा कि आज का जागरूक विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार समाज का निर्माता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस संदेश को जन-जन तक पहुँचाएं ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ गीता ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय स्टाफ के गौरव वार्ष्णेय, संजय कुमार, भगवान सिंह चौहान, रामतीरथ, पूजा शर्मा, नेमपाल सिंह यादव, सतेंद्र कुमार, यशपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।