रामपुर। विशारद नगर स्थित शाहुशाह बाबा की लगभग 200 वर्ष पुरानी मजार एवं रामपुर रोड स्थित सादिक शाह बाबा की मजार पर प्रशासन द्वारा अतिक्रमण बताते हुए की गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से क्षेत्र में गहरा आक्रोश व्याप्त है। यह स्थल वर्षों से हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों की आस्था का केंद्र रहा है, जिससे सामाजिक सौहार्द पर भी असर पड़ने की आशंका बन जाती है।
मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक संजय कपूर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल मौक़े पर पंहुचा संजय कपूर ने कहा कि उक्त मजारें खतौनी में विधिवत दर्ज हैं, इसलिए इन्हें अवैध बताकर कार्रवाई करना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “रामपुर की पहचान हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब से है,
ऐसे में किसी भी कार्रवाई से पहले दोनों समुदायों को विश्वास में लेना आवश्यक था।” उन्होंने जिलाधिकारी से वार्ता कर निष्पक्ष जांच की मांग की, पूर्व विधायक संजय कपूर ने कहा कि यह धार्मिक स्थल खतौनी में दर्ज हैं, इसलिए इन्हें अवैध बताना उचित नहीं है। उन्होंने
जिलाधिकारी से वार्ता कर निष्पक्ष जांच की मांग की है,जिस पर SDM बिलासपुर को जांच के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि
“प्रशासन को किसी भी धार्मिक स्थल पर कार्रवाई करने से पहले तथ्यों की गहन जांच के साथ-साथ संबंधित समुदायों एवं आम जनता को विश्वास में लेना चाहिए था। यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे से भी जुड़ा हुआ मामला है।”
कांग्रेस जिलाध्यक्ष निक्कू पंडित ने भी इस प्रकार की जल्दबाजी में की गई कार्रवाई से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, जिसे संवेदनशीलता और संवाद के माध्यम से टाला जा सकता था।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा भविष्य में किसी भी कदम से पहले सामाजिक संतुलन और जनभावनाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही सभी नागरिकों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।
इस मौक़े पर शहर इमाम नासिर खां साहब,शहर अध्यक्ष बाकर अली खां, साहिर रज़ा खां, नोमान मुमताज़ खां, सरदार गुरवाज सिंह, कलाम डॉ ज़फर रवि टंडन, शानू खां, जयदीप द्वीबेदी शाहनवाज़ अमीर हसन आदि उपस्थित रहे।