नेशनल 24 अमित कुमार जोशी
Story slugहादसा नहीं बल्कि पति ने की थी महिला सिपाही और बेटे की हत्या
एंकर पत्नी की मौत के बाद विभाग से मिलने वाली रकम हड़पने का था प्लान, पत्नी और बेटे को नशीला पदार्थ खिलाकर पेट्रोल डालकर लगाई थी कार में आग
25 फरवरी को गंज कोतवाली क्षेत्र में चाकू चौराहे पर हुआ हादसे में महिला सिपाही और उसके बेटे की मौत कोई सड़क हादसा नहीं था, बल्कि डबल मर्डर की सोची समझी साजिश थी। इस तरह कीखतरनाक
साजिश केवल फिल्मों में ही दिखाई जाती है। यह साजिश रचने वाला कोई और नहीं बल्कि महिला सिपाही का पति था। जिसनेसिपाही की मौत के बाद पुलिस विभाग सेमिलन वाली लाखों रुपय की रकम हड़पन के लिए अपन सा थियों के साथ मिलकर यह खतरनाक प्लान तैयार किया था।
सोची-समझा साजिश के तहत वह अपने एक रिश्तेदार के साथ महिला सिपाही और बटे को अपनी नई कार स नैनीताल घुमान ले गया और वापस आत समय बेटे और पत्नी को नींद की गोलियां खिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद अपनी गाड़ी का एक हिस्सा खुद ही डंपर से टकरा दिया ताकि लगेकि हादसा हुआ है। फिर चाकू चौराहे पर मौका पाकर अपने साथियों की मद्द से पेट्रोल छिड़ककर कार में आग लगा दी और खुद रिश्तेदार के साथ कार से कूद गया।
इस साजिश में बच्चा तो जिंदा कार में जल गया लेकिन महिला सिपाही किसी तरह सेबच गई। जिस पर अस्पताल ले जाने के बहाने पति ने महिला को दूसरी कार में लिटाया और हथौड़ी से वारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस खतरनाम साजिश का खुलासा करते हुए
आरोपी पति समेत तीन को गिरफ्तार कर लिया है। इस साजिश की पटकथा 25 फरवरी की रात गंज कोतवाली क्षेत्र में चाकू चौराहे वाली सड़क पर लिखी गई थी।
मिलक के ग्राम बेहतरा निवासी दान सिंह अपनी
पत्नी लता सिंह, दो साल के बटे लड्डू और मिलक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जमापुर निवासी अपने रिश्तेदार रवि कुमार के साथ नैनीताल घूमने गए थ।
लता सिंह यूपी पुलिस में सिपाही थी और उसकी पोस्टिंग श्रावस्ती जिले में थी। बताते हैं कि सभी नई कार आन की खुशी में घूमन गए थ ।
25 फरवरी की रात कार दान सिंह चला रहा था। उस वक्त दावाकिया गया था कि काशीपुर गांव सेनिकलत ही एक डंपर न कार को साइड स टके कर मार दी थी। हादसे के बाद तुरंत कार में आग लग गई थी। देखत देखत कार धूं-धूंकर जल उठी।
दान सिंह और रवि तोकिसी तरह स कूद गए ल किन लता और उसका बटा लड्डू कार में फंस गए। दान सिंह ने उनको बचाने का काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने दमकल की मद्दे आग को बुझाया। हादसे में लड्डू की मौके पर ही
मौत हो गई थी। जबकि लता गंभीर रूप से झुलस गई थी।
परिजन उसे बरेली ले जाने की तैयारी कर रहे थेकि लता की भी मौत हो गई। इस मामले में गंज कोतवाली में अज्ञात डंपर के खिलाफ रिपोर्ट
टीम को अपने स्तर से 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।सिपाही की मौत के बाद मिलती विभाग से लाखों की रकमएसपी सोमेंद्र मीना ने बताया कि चूंकि दान सिंह का पिता इंदल सिंह होमगार्ड था,
लिहाजा उसे अच्छी तरह से पता था कि अगर लता की मौत एक हादसा दिखा दिया जाए तो पुलिस विभाग से मिलने वाली रकम उसे मिल जाएगी। करोड़ों रुपये के लालच में आकर उसने इस घटना को अंजाम दिया। वहीं एसपी ने बताया कि दान सिंह की लता के साथ दूसरी शादी थी। इससे पहले दान सिंह की शादी शाहबाद थाना क्षेत्र के ग्राम पसतौर निवासी रजनी के साथ हुई थी।
वर्ष 2015 में ग्राम रौरा कला में हुए सड़क हादसे में रजनी की मौत हो गई थी। रजनी के एक बेटी है, जो
नौ साल की है और नाम किट्टो है। एसपी ने बताया कि उस हादसे की भी अब जांच की जा रही है। क्या वह हादसा भी तो किसी बीमे की रकम के लिए तो नहीं हुआ था। अगर जांच में यह बात सामने आती है तो
दान सिंह पर शिकंजा और कसा जाएगा।
पहले खुद डंपर से टकराई कार फिर पेट्रोल छिड़ककर लगाई आग
महिला सिपाही लता मूलत: सीतापुर जिले की रहने वाली थी। वर्ष 2021 में उसने मिलक के ग्राम बेहटरा निवासी दान सिंह के साथ लव मैरिज की थी। इस साजिश का खुलासा करते हुए एसपी सोमेंद्र मीना ने बताया कि शादी के बाद से लता सीतापुर में रहने के लिए दान सिंह पर दबाव डाल रही थी। जिस पर उसने लता और बेटे लड्डू को रास्ते
से हटाने की योजना बनाई। उसने अपने इस प्लान में रवि के अलावा टांडा थाना क्षेत्र के ग्राम सोनकपुर निवासी नूरहसन, सिविल लाइंस के पनवड़िया निवासी प्रदीप कुमार और पटवाई थाना क्षेत्र के ग्राम चंडका मदारपुर निवासी अब्दुल करीम को शामिल किया।
फिर प्लान के तहत दान सिंह अपनी पत्नी लता और बेटे लड्डू को लेकर नैनीताल गया। साथ में रवि भी था। वापस आते समय बाजपुर के पास दान सिंह ने कार रोकी और दो कोल्डड्रिंक ली। दोनों में उसने नींद की गोलियां मिला दी और लता और गुड्डू को दे दी। कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद दोनों अचेत हो गए।
इसके बाद दान सिंह ने खौद से मुड़कर चाकू चौक वाली रोड पर खुद जिस तरफ लता बैठी थी, वह साइड डंपर से टकरा दी। ताकि कार क्षतिग्रस्त हो जाए और हादसा लगे। बकौल एसपी सोमेंद्र मीना के अनुसार बाद एक पेट्रोल पंप के आगे रास्ता सूना होने पर कार को रोक लिया। फोन करके दान सिंह ने अपने साथी प्रदीप और सलमान को पेट्रोल लेकर बुलाया। दोनों ने कार पर पेट्रोल छिड़का और लाइटर से आग लगा दी। इसके बाद दान सिंह व
रवि कार से कूद गए। कुछ देर में ही कार धूं-धूंकर जलने लगी। हादसे में लड्डू तो कार के अंदर की जिंदा जल
गया, जबकि हल्का होश आने पर लता ने बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन दोनों ने निकलने नहीं दिया। इस बीच नजारा देखकर पेट्रोल पंप कर्मियों के साथ तमाम लोग जुट गए। उन्होंने लता को कार से बाहर निकाला और एंबुलेंस को सूचना दी। प्लान फेल होता देख दान सिंह ने फिर पैतरा बदला, उसने एंबुलेंस से लता को ले जाने की
बजाए अपने दोस्त नूरहसन को कार लेकर बुलाया। लता को कार में बैठाकर वह संजीवनी अस्पताल की ओर चल दिया लेकिन रास्ते में कार में रखी हथौड़ी से कई वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।