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संवाददाता नेत्रपाल सिंह
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बहजोई महाविद्यालय, बहजोई (संभल) में “नशा मुक्त भारत अभियान एवं मिशन स्पंदन के अंतर्गत विकसित भारत की ओर एक सशक्त कदम” विषय पर दादी प्रकाशमणि जी की पावन स्मृति में “10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान”
के अंतर्गत एक प्रेरणादायी गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मेडिकल विंग, राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता तथा राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गीता के निर्देशन एवं देखरेख में आयोजित किया गया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नशे की वस्तुओं पर उसके दुष्प्रभाव स्पष्ट रूप से अंकित होते हैं, फिर भी धीरे-धीरे व्यक्ति उसकी गिरफ्त में चला जाता है। जब कोई व्यक्ति किसी नशीले पदार्थ का सेवन करता है, तो वह पदार्थ उसके शरीर और मन पर नियंत्रण स्थापित कर लेता है। समय के साथ उसकी इच्छाशक्ति इतनी कमजोर हो जाती है कि वह चाहकर भी नशे की आदत से मुक्त नहीं हो पाता। इसलिए नशे से बचाव ही सबसे बड़ा समाधान है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान ने अभूतपूर्व प्रगति की है और दूरियों को कम कर दिया है, किंतु मनुष्यों के बीच भावनात्मक एवं मानसिक दूरी बढ़ा दी है। आज का समाज अनेक कार्यों को वर्चुअल माध्यम से करना चाहता है और तकनीक ने इसे संभव भी बना दिया है, परंतु इस प्रक्रिया में व्यक्ति स्वयं से दूर होता जा रहा है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने शरीर और मन को पर्याप्त समय दें, आत्मचिंतन करें और स्वयं से संवाद स्थापित करें, क्योंकि आत्मजागरण ही स्वस्थ और संतुलित जीवन की आधारशिला है। मुख्य वक्ता ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन का अत्यधिक प्रयोग भी एक प्रकार का नशा बनता जा रहा है।
आवश्यकता से अधिक मोबाइल उपयोग व्यक्ति की एकाग्रता, मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं को नशे के सभी रूपों—मादक पदार्थों, तंबाकू, शराब तथा डिजिटल लत—से दूर रहने और स्वस्थ, सकारात्मक तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकगणों एवं कर्मचारियों को नशा मुक्ति की सामूहिक प्रतिज्ञा दिलाई गई तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता का संकल्प कराया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के गौरव वार्ष्णेय, दीप्ति रानी, बलवीर सिंह, सतेंद्र कुमार, यशपाल सिंह, नेमपाल सिंह, रामतीरथ, पूजा शर्मा, प्रीति शर्मा, भगवान सिंह चौहान, राजीव कुमार, भुवनेश कुमार सहित समस्त शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।