बदायूं जिले के सालारपुर ब्लॉक की ब्यौर गौशाला में बेजुबानों की दुर्दशा, मानक से अधिक ठूंस-ठूंस कर भरे गौवंश, पशुपालन विभाग मौन...
संवाददाता राजेश कुमार गुप्ता ब्यूरो चीफ रमपुर
योगी सरकार प्रदेश भर में गौ-संरक्षण और गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। जनपद बदायूं के विकास खंड सलारपुर, थाना बिनाबर जनपद बदायूं
के अस्थाई गो आश्रय स्थल ब्यौर की हालत बेहद खराब है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यहां क्षमता से कई गुना ज्यादा गौवंश को ठूंस-ठूंस कर भरा गया है। मानकों के अनुसार जितने पशुओं की व्यवस्था होनी चाहिए, उससे कहीं अधिक पशु एक ही शेड में बंद हैं। न हरा चारा, न भूसा, न साफ पानी और न ही पशु चिकित्सा की कोई व्यवस्था है।
पिछली जांच में भी यहां गड़बड़ी उजागर हुई थी। निरीक्षण में पाया गया था कि गौशाला पर लगभग 130 गौवंश संरक्षित हैं, लेकिन भरण-पोषण की स्थिति देखकर स्पष्ट हो रहा था कि संचालन में जमकर गोलमाल किया जा रहा है। इससे पहले भी ग्राम पंचायत ब्यौर में गौवंश आश्रय स्थल में भरण-पोषण में लापरवाही बरतने के आरोप लगते रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गौवंश दुबले-पतले और बीमार हैं, कई चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं। शिकायत के बाद भी पशुपालन विभाग और जिम्मेदार अधिकारी आंखें बंद किए बैठे हैं। ग्रामीणों में आक्रोश है कि गायों के प्रति लापरवाही के मामले में बदायूं के अधिकारी प्रदेश में सबसे आगे हैं।
लोगों ने जिलाधिकारी बदायूं से ब्यौर गौशाला की तत्काल जांच, क्षमता के अनुसार गौवंशों को अन्य गौशालाओं में शिफ्ट करने और दोषी केयरटेकर व जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।