पॉक्सो अधिनियम के प्रति विद्यार्थियों को किया जागरूक
संवाददाता कौशल पाराशरी यूपी हेड
बदायूँ: 29 सितम्बर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ के निर्देशानुपालन में गांधी जयंती के अवसर पर जनपद के विभिन्न विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधानों एवं कानूनी परिणामों के संबंध में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का प्रथम चरण 25 सितम्बर से 01 अक्टूबर 2026 तथा द्वितीय चरण 02 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित किया गया है।
इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ के तत्वावधान में जनपद के विभिन्न विद्यालयों में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012 के प्रमुख प्रावधानों, कानूनी अधिकारों एवं सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
पीएम श्री राजकीय कन्या इण्टर कॉलेज, बदायूँ में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बदायूँ की गरिमामयी अध्यक्षता में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। सुश्री रिन्कु, माननीय प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बदायूँ द्वारा विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए लैंगिक अपराधों से बचाव, सुरक्षित एवं असुरक्षित व्यवहार की पहचान, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा किसी अनुचित घटना की जानकारी विश्वसनीय अभिभावक अथवा शिक्षक को देने के संबंध में जागरूक किया गया।
राजकीय इण्टर कॉलेज गभ्याई, बदायूँ में श्री अंकित रस्तोगी, सिविल जज (सी०डि०)/त्वरित न्यायाधीश/प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षित एवं संस्कारित होने तथा अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुड टच एवं बैड टच के संबंध में भी बालिकाओं को विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐसे विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके विधिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण के निर्माण में जन-सहभागिता सुनिश्चित करना है।
इसी क्रम में राजकीय इण्टर कॉलेज घटपुरी में श्री राजवीर सिंह, माननीय विशेष न्यायाधीश, एससी/एसटी (पीए) एक्ट, बदायूँ, राजकीय हाईस्कूल जगत में श्री दिनेश तिवारी, विशेष एक्सक्लूसिव न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, बदायूँ, दिल्ली पब्लिक स्कूल में श्रीमती नुपुर, माननीय विशेष न्यायाधीश, आवश्यक वस्तु अधिनियम, बदायूँ, हाफिज सिद्दीक इस्लामियां इण्टर कॉलेज में श्री ऋषि कुमार, माननीय षष्टम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बदायूँ, क्रिश्चियन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में श्री सुरेन्द्रपाल सिंह, माननीय नवम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट, बदायूँ, केदारनाथ महिला इण्टर कॉलेज में सुश्री अनीता प्रथम, माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट न्यायालय संख्या-01, बदायूँ, मिशन इंग्लिश स्कूल में श्रीमती नीलांजना, माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट न्यायालय संख्या-03, बदायूँ, पार्वती आर्य कन्या संस्कृत इण्टर कॉलेज में श्रीमती नेहा गर्ग, माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायाधीश (महिलाओं के प्रति अपराध), बदायूँ, श्रीराम सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज, मीरा जी चौकी में श्री विकास सिंह, माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायाधीश, बदायूँ, अहिल्याबाई बीएस इण्टर कॉलेज में श्री पुष्पेन्द्र चौधरी, प्रथम अपर सिविल जज (सी०डि०), बदायूँ, कमला होरी उच्च माध्यमिक विद्यालय, दहेमी में श्रीमती भारती तायल, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय/पीठासीन अधिकारी, किशोर न्याय बोर्ड, बदायूँ, महात्मा गांधी पालिका इण्टर कॉलेज, उझानी में श्री सागर तायल, न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायालय संख्या-01, बदायूँ, नन्हूमल जैन इण्टर कॉलेज, बिल्सी में श्री अखिलेश पटेल, न्यायाधिकारी, ग्राम न्यायालय, बिल्सी, पन्ना लाल नगर पालिका इण्टर कॉलेज एवं प्रमोद इण्टर कॉलेज, सहसवान में श्री हरेन्द्र सिंह, सिविल जज (जू०डि०), सहसवान, राजकीय कन्या इण्टर कॉलेज, डहरपुर कलां, दातागंज में श्री हेमेन्द्र सिंह, सिविल जज (जू०डि०), दातागंज, राजकीय कन्या इण्टर कॉलेज, बिसौली में सुश्री शैफाली चन्द्रवंशी, सिविल जज (जू०डि०), बिसौली तथा राजकीय इण्टर कॉलेज, युसुफनगर में सुश्री सदफ इमरान, सिविल जज (जू०डि०)/त्वरित न्यायाधीश, बदायूँ द्वारा विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सभी कार्यक्रमों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधानों एवं कानूनी परिणामों के साथ-साथ लैंगिक अपराधों से संरक्षण के उपायों के संबंध में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को इंटरनेट का सुरक्षित एवं उचित उपयोग करने तथा फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सकारात्मक दिशा में प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही अश्लील सामग्री से दूरी बनाए रखने, अच्छी शिक्षा ग्रहण करने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा अध्ययन पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रमों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद न्यायालय, बदायूँ के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, पराविधिक स्वयंसेवक तथा संबंधित विद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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