बदायूँ में किसानों का प्रदर्शन: नौ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

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बदायूँ में किसानों का प्रदर्शन: नौ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Friday, September 11, 2026 | September 11, 2026 Last Updated 2026-09-12T02:53:52Z
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संवाददाता कौशल पाराशरी यूपी हेड 
 बदायूँ में किसानों का प्रदर्शन: नौ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
बदायूँ:
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के बैनर तले आज मालवीय आवास गृह पर किसानों की मासिक पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत के दौरान किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रधानमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक नौ सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार अंजनी कुमार राय को सौंपा।
जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने सभा को संबोधित करते हुए भारत-अमेरिका ट्रेड डील को किसानों और मजदूरों के हितों के प्रतिकूल बताया और इसे लागू न करने की मांग की। किसानों ने गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति कुंतल और चीनी का सरकारी रेट 60 रुपये प्रति किलो करने की मांग उठाई। इसके अलावा गन्ना कानून 1966 के तहत मिलों पर बकाया ब्याज का भुगतान कराने, घटतौली पर रोक लगाने और किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही गई।
प्रमुख मांगें और वक्ताओं के विचार
कर्ज माफी और कुर्की पर रोक: वक्ता यीशु दास ने देश के किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने और कर्ज के कारण जमीन व मकान की कुर्की पर रोक लगाने की मांग रखी।
निशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य: किसानों और आम नागरिकों के लिए बेहतर एवं निःशुल्क शिक्षा और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई।
भावांतर योजना और एमएसपी: हरियाणा की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में आलू, प्याज और अन्य सब्जियों के लिए भावांतर योजना लागू करने तथा सब्जी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित करने की मांग उठी।
शिक्षा सुधार और शराबबंदी: जिला प्रभारी कृष्ण अवतार शाक्य व अन्य नेताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में शराब के ठेके बंद करने, सरकारी विद्यालयों को बंद करने की प्रक्रिया रोकने और सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की। ज्ञापन में यह भी सुझाव दिया गया कि सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के बच्चों को भी अनिवार्य रूप से सरकारी स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए।
अन्य मांगें: भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को सख्ती से लागू करने और लंबे समय से लंबित सर्किल रेट को नियमानुसार बढ़ाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि इन नौ सूत्रीय मांगों पर जल्द विचार कर समाधान नहीं किया गया, तो किसानों के पास तीव्र आंदोलन करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचेगा। इस अवसर पर यारवेंद्र यादव, नूरुद्दीन, भगवान दास, सत्येंद्र यादव, गंगा दीन, मुंशीलाल, धर्मेंद्र सिंह आर्य, बॉबी सिंह, शराफत खान, भूदेव, इरशाद खान और रामवीर सिंह शाक्य सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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