वृंदावन में बड़ा हादसा: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की 'गुरु कृपा कुंज' की चौथी मंजिल से संदिग्ध हालात में मौत, पुलिस खंगाल रही हर एक राज

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वृंदावन में बड़ा हादसा: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की 'गुरु कृपा कुंज' की चौथी मंजिल से संदिग्ध हालात में मौत, पुलिस खंगाल रही हर एक राज

Saturday, September 26, 2026 | September 26, 2026 Last Updated 2026-09-27T02:22:05Z
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वृंदावन में बड़ा हादसा: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की 'गुरु कृपा कुंज' की चौथी मंजिल से संदिग्ध हालात में मौत, पुलिस खंगाल रही हर एक राज

मथुरा (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक व आध्यात्मिक केंद्र वृंदावन से एक सनसनीखेज और रहस्यमयी मामला सामने आया है। यहां के वाराहघाट क्षेत्र स्थित 'गुरु कृपा कुंज' आश्रम (अपार्टमेंट) में आध्यात्मिक संत प्रेमानंद महाराज के एक दीक्षित शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में चौथी मंजिल से नीचे गिरने से मौत हो गई। इस घटना के बाद से संत समाज, स्थानीय भक्तों और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी 25 वर्षीय दीपक लोधी (उर्फ रसिक दुलारी शरण) के रूप में हुई है। शुरुआती तौर पर पुलिस इसे आत्महत्या मानकर चल रही है, लेकिन शरीर पर मिले गंभीर जख्मों और कमरे से मिले साक्ष्यों के कारण यह मामला हत्या और गहरे रहस्य के घेरे में घिर गया है।


कौन थे मृतक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण?


प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक दीपक लोधी मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के रहने वाले थे। आध्यात्मिकिक मार्ग और भगवान की भक्ति की प्रेरणा लेकर वे कुछ समय पहले वृंदावन आए थे। संत प्रेमानंद महाराज के प्रति उनकी गहरी आस्था थी और उन्होंने फरवरी 2025 में महाराज जी से दीक्षा ली थी। दीक्षा लेने के बाद वे प्रेमानंद महाराज के मुख्य आश्रम 'श्री हित राधा केली कुंज' से जुड़े नए चार मंजिला 'गुरु कृपा कुंज' आश्रम में रह रहे थे। इस आश्रम में करीब 40 से 50 साधक रहकर सेवा कार्य और राधारानी की उपासना करते हैं। दीपक भी यहीं रहकर आश्रम की व्यवस्थाओं और सेवा कार्यों में अपना योगदान दे रहे थे।

कैसे सामने आया पूरा घटनाक्रम?


शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे वाराहघाट क्षेत्र स्थित इस बहुमंजिला आश्रम में अचानक अफरा-तफरी मच गई। आश्रम की चौथी मंजिल से दीपक लोधी संदिग्ध हालत में नीचे सड़क पर आ गिरे। जमीन पर गिरने से उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं।

घटना के तुरंत बाद आश्रम से जुड़े अन्य साधकों और लोगों ने उन्हें आनन-फानन में उठाया और वृंदावन के सर्वोदय अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, सिर में गंभीर चोट लगने और अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की।

पुलिस जांच में सामने आए वे रहस्यमयी बिंदु, जो बढ़ा रहे हैं संदेह


यद्यपि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या (Suicide) का प्रतीत होता है, क्योंकि शुरुआती साक्ष्यों में उनके चौथी मंजिल से छलांग लगाने की बात सामने आ रही है। इसके बावजूद, कई ऐसे पहलू हैं जो इस घटना को साधारण खुदकुशी नहीं बल्कि एक गहरी मिस्ट्री बना रहे हैं:


  1. कमरे से ग्राइंडर और खून के निशान: पुलिस जब छानबीन के लिए मृतक के कमरे में पहुंची, तो वहां से एक टाइल्स काटने वाला इलेक्ट्रिक ग्राइंडर और एक डायरी बरामद हुई। इसके अलावा, मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस निरीक्षण के दौरान मृतक के शरीर पर कुछ असामान्य घाव और गंभीर कटाव के निशान भी देखे गए हैं, जिसके चलते यह सवाल उठ रहा है कि क्या ये चोटें केवल ऊंचाई से गिरने की हैं या फिर गिरने से पहले उन्हें किसी तरह की चोट पहुंचाई गई थी।
  2. अस्पताल ले जाने और पुलिस को सूचना देने में देरी: घटना के बाद घायल साधक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पुलिस को इस पूरे घटनाक्रम की सूचना देने में कथित तौर पर कुछ विलंब हुआ। पुलिस इस बात की भी बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर सूचना देने में देरी क्यों की गई और इस दौरान कमरे या छत पर क्या गतिविधि हुई थी।
  3. कमरे से मिली डायरी और मोबाइल: पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन और व्यक्तिगत डायरी अपने कब्जे में ले ली है। डायरी के पन्नों और मोबाइल की कॉल डिटेल व चैट्स को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों से वह किसी मानसिक तनाव, अवसाद या किसी अन्य निजी समस्या से तो नहीं जूझ रहे थे।
  4. सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल: आश्रम और उसके आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को पुलिस खंगाल रही है। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना के वक्त चौथी मंजिल पर या छत पर उनके अलावा कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं।

पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक बयान


मामले की गंभीरता को देखते हुए मथुरा के एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह और सीओ सदर संदीप कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।


सीओ सदर संदीप कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, "सूचना मिलते ही पुलिस बल और फॉरेंसिक यूनिट ने मौके पर पहुंचकर तमाम साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मध्य प्रदेश स्थित उनके परिजनों को इस अनहोनी की सूचना दे दी गई थी। परिजनों के मथुरा पहुंचने के बाद नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई और पोस्टमार्टम कराया गया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो सकेगा कि यह आत्महत्या थी, हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य आपराधिक साजिश है।"

संत समाज और भक्तों में शोक की लहर


इस दर्दनाक और असमय हुई मौत की खबर जैसे ही वृंदावन के संत समाज और प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों तक पहुँची, सभी स्तब्ध रह गए। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर महाराज जी के भक्तों द्वारा दीपक लोधी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जा रही है। फिलहाल, पुलिस की तमाम टीमें हर एंगल — हत्या, आत्महत्या और दुर्घटना — को ध्यान में रखकर इस अंधेरे में तीर चला रही हैं, और हर किसी की नजरें अब केवल आधिकारिक पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

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