*बिलासपुर भाखड़ा पुल के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने और पुराने पुल के संरक्षण की जिलाधिकारी से की गई मांग*
संवाददाता सुधीर शर्मा ब्यूरो चीफ रामपुर
बिलासपुर/ रामपुर।बिलासपुर नगर स्थित भाखड़ा डैम के ऊपर बने लगभग 106 वर्ष पुराने ऐतिहासिक भाखड़ा पुल को प्रशासन द्वारा ध्वस्त करने की कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग उठी है। संजय कपूर की ओर से ज्ञापन के द्वारा जिलाधिकारी से मांग की गई है कि ऐतिहासिक पुल को ध्वस्त करने पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा उसकी तकनीकी जांच कराकर संरक्षण और उपयोग की संभावनाएं तलाशी जाएं।
संजय कपूर ने कहा कि ऐतिहासिक भाखड़ा पुल बिलासपुर की पहचान और गौरव का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पुराने पुल का विशेषज्ञों से संरचनात्मक परीक्षण कराया जाए। यदि पुल छोटे वाहनों के आवागमन के लिए सुरक्षित पाया जाता है, तो आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा प्रबंधों के बाद इसे वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग करने पर विचार किया जाए। साथ ही, पुरातत्व विभाग और विरासत संरक्षण विशेषज्ञों की मदद से इसे ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि जनहित, यातायात की जरूरतों और ऐतिहासिक विरासत के महत्व को देखते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए।
उन्होंने कहा कि “नया पुल भी बनाओ, ऐतिहासिक पुल भी बचाओ।” विकास के साथ विरासत का संरक्षण भी जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां बिलासपुर के ऐतिहासिक गौरव से परिचित रह सकें।
इस अवसर पर गुरबाज सिंह। कपिल चौधरी। सरदार रणजीत सिंह। अजीब सिंह। मोनीस अंसारी। जिवेन्द्र सिंह गंगवार। सहिर रजा खान आदि उपस्थित रहे।