सहसवान में प्लॉट पर अवैध कब्जे और महिला से अभद्रता के आरोप, अधिकारियों से न्याय की गुहार

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सहसवान में प्लॉट पर अवैध कब्जे और महिला से अभद्रता के आरोप, अधिकारियों से न्याय की गुहार

Wednesday, October 21, 2026 | October 21, 2026 Last Updated 2026-10-21T14:02:40Z
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सहसवान में प्लॉट पर अवैध कब्जे और महिला से अभद्रता के आरोप, अधिकारियों से न्याय की गुहार

संवाददाता प्रदीप कुमार की रिपोर्ट जरीफनगर सहसवान

तीन महिलाओं ने अलग-अलग प्रार्थना पत्र देकर लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

सहसवान (बदायूं)। तहसील सहसवान क्षेत्र में प्लॉट पर कथित अवैध कब्जे, गाली-गलौज, मारपीट, जबरन घर में खींचकर ले जाने के प्रयास और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों से जुड़े तीन अलग-अलग प्रार्थना पत्र अधिकारियों को सौंपे गए हैं। प्रार्थना पत्रों में शिकायतकर्ताओं ने संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी संपत्ति व सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।

पीड़िताओं का कहना है कि ग्राम फतनपुर टप्पा हवेली, थाना सहसवान क्षेत्र में स्थित प्लॉटों को लेकर विवाद चल रहा है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग उनकी भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। विरोध करने पर गाली-गलौज और धमकियां दी जा रही हैं।

प्लॉट पर कब्जे की कोशिश का आरोप

एक प्रार्थना पत्र में उकाड़ा पुख्ता निवासी मुनी पत्नी रामपाल ने उपजिलाधिकारी सहसवान को शिकायत देकर बताया कि उन्होंने 18 जुलाई 2025 को ग्राम फतनपुर टप्पा हवेली में गाटा संख्या 386 की भूमि खरीदी थी। शिकायत के अनुसार, उक्त भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य शुरू किए जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने थाना सहसवान पहुंचकर 17 अक्टूबर 2026 को प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद पुलिस के मौके पर पहुंचने से निर्माण कार्य रुक गया, लेकिन आरोप है कि बाद में संबंधित लोग उन्हें धमकाने लगे।

शिकायतकर्ता ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया कि उन्हें तहसील से लेकर जिले तक कहीं से मदद न मिलने देने की बात कही गई। उन्होंने अधिकारियों से मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

महिलाओं से अभद्रता और धमकी देने के आरोप

दूसरे प्रार्थना पत्र में महमूदपुर निवासी उपलेश पत्नी बादाम सिंह ने आरोप लगाया कि ग्राम फतनपुर टप्पा हवेली स्थित उनके प्लॉट पर कुछ लोग अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायत के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2026 को उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली थी, जिसके बाद उन्होंने थाना सहसवान पहुंचकर शिकायत दी और कब्जा रुकवाने की मांग की।

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि 18 अक्टूबर 2026 की सुबह वह अपनी भांजी की बहू के साथ प्लॉट की स्थिति देखने पहुंचीं तो वहां कुछ लोग आ गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके और साथ मौजूद महिलाओं के साथ गाली-गलौज की गई तथा उन्हें जबरन घर के अंदर खींचकर ले जाने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर कथित रूप से अभद्रता और धमकियां दी गईं।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद संबंधित लोग वहां से चले गए। पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद वह शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर लगाती रहीं, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी लगाई गुहार

तीसरे प्रार्थना पत्र में ग्राम गोटिया गरगइया, थाना बजरीगंज क्षेत्र की निवासी ज्ञानवती पत्नी यशपाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं को संबोधित शिकायत में ग्राम फतनपुर टप्पा हवेली स्थित अपनी भूमि पर कथित अवैध कब्जे के प्रयास का आरोप लगाया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने 27 मई 2025 को संबंधित भूमि खरीदी थी। आरोप है कि 17 अक्टूबर 2026 को कुछ लोगों ने उनके प्लॉट पर कब्जा करने का प्रयास किया। इसके बाद उन्होंने थाना सहसवान पहुंचकर लिखित शिकायत दी थी।

प्रार्थना पत्र में 18 अक्टूबर 2026 को प्लॉट पर पहुंचने के दौरान गाली-गलौज, जबरन खींचकर ले जाने के प्रयास और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग

तीनों प्रार्थना पत्रों में शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, मंडलायुक्त बरेली, जिलाधिकारी बदायूं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि भूमि विवाद का निष्पक्ष निस्तारण कराया जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

फिलहाल, इन प्रार्थना पत्रों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्षों का बयान और पुलिस एवं प्रशासन की जांच सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। किसी भी पक्ष की दोषसिद्धि सक्षम जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगी।
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