संवाददाता राजेश गुप्ता ब्यूरो चीफ बदायूं
शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के संदर्भ में बीएसए एवं प्रभारी वित्त लेखाधिकारी से की वार्ता
27 अक्टूबर तक यदि शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो 28 अक्टूबर को बीएसए एवं वित्त लेखाधिकारी कार्यालय में शिक्षक करेंगे धरना प्रदर्शन
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ बदायूं के प्रतिनिधिमंडल ने आज जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रचार मंत्री संजीव शर्मा के नेतृत्व में परिषदीय शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के निस्तारण में कथित लापरवाही को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं वित्त एवं लेखा अधिकारी बेसिक शिक्षा से वार्ता की।
जहा एक ओर संघ प्रतिनिधि मंडल ने आज वित्त एवं लेखा अधिकारी से चयन वेतनमान एवं चयन वेतनमान अवशेष भुगतान, जीपीएफ एवं अन्य वित्तीय प्रकरणों के निस्तारण में कथित अनियमितताओं और विलंब को लेकर वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा बदायूं को अंतिम चेतावनी पत्र जारी कर 27 अक्टूबर 2026 तक सभी लंबित प्रकरणों का पारदर्शी ढंग से निस्तारण करने की मांग की और मांगें पूरी न होने की स्थिति में 28 अक्टूबर को कार्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
संघ के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए पूर्व में भी कई बार पत्राचार एवं वार्ता की गई। परंतु अपेक्षित कार्रवाई न होने से जनपद के शिक्षकों में आक्रोश है और कहा कि उक्त मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई का अभाव है, जिससे शिक्षकों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके द्वारा यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित शिक्षकों को सुविधा शुल्क दिए बिना भुगतान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके साथ ही मानव संपदा पोर्टल पर फर्जी प्रविष्टियों दर्ज करने का जिक्र करते हुए संजीव शर्मा ने कार्यालय के बाबूओ पर मानव संपदा पोर्टल पर कुछ शिक्षकों के संबंध में कथित फर्जी तरीके से पे-बैंड दर्ज कर गबन का प्रयास किए जाने का आरोप भी लगाया है। जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। इसके साथ ही एरियर धनराशि में मनमानी कटौती और जी0पी0एफ0 अग्रिम एवं अवशेष एरियर की पत्रावलियों को लंबित रखने का मुद्दा भी उठाया गया है।
संघ प्रतिनिधि मंडल ने जनपद के सभी लंबित चयन वेतनमान एवं अन्य एरियर प्रकरणों का सात कार्यदिवस के भीतर पारदर्शी ढंग से भुगतान सुनिश्चित किए जाने,
मानव संपदा पोर्टल पर कथित फर्जी प्रविष्टियों के मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराये जाने तथा दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान, जीपीएफ ऋण एवं अवशेष एरियर के सभी लंबित प्रकरणों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण और जिन शिक्षकों को वास्तविक देय धनराशि से कम एरियर का भुगतान किया गया है उनकी शेष धनराशि तत्काल दिलाई जाने, शासन द्वारा महंगाई भत्ता वृद्धि संबंधी आदेश जारी होने के बाद वास्तविक भुगतान किए जाने से पूर्व के बकाया डीए एरियर का समयबद्ध भुगतान किए जाने की मांग की।
*दूसरी ओर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार* के समक्ष संघ प्रतिनिधिमंडल ने प्रोन्नत वेतनमान में वरिष्ठता की अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए संघ ने अपने पूर्व में प्रेषित पत्र का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि प्रोन्नत वेतनमान जारी करने में जनपद की वरिष्ठता सूची की अनदेखी की गई है।जिससे वरिष्ठ शिक्षकों को छोड़कर कनिष्ठ शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान के आदेश जारी कर दिए गए। उन्होंने संबंधित विसंगतियों को दूर कर संशोधित आदेश जारी करने की मांग की है।
इसके साथ ही उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में देरी पर सवाल उठाते संघ ने 8 सितंबर 2026 को भेजे गए पत्र का हवाला देते हुए याचिका संख्या 652/2024 से संबंधित प्रकरण में कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया और संबंधित निर्देशों के क्रम में कार्यरत प्रभारी प्रधानाध्यापकों को एरियर भुगतान हेतु लंबित आवश्यक कार्रवाई कर शिक्षकों को नियमानुसार एरियर का भुगतान सुनिश्चित किए जाने की मांग की।
इस दौरान 69 हजार शिक्षक भर्ती के शिक्षकों के ब्रिज कोर्स से संबंधित अवकाश प्रकरणों का जिक्र करते हुए कहा कि शासनादेश जारी होने के बावजूद कुछ विकास खंडों में संबंधित शिक्षकों के अवकाश स्वीकृत नहीं किए जाने शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। संघ ने संबंधित अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर नियमानुसार अवकाश स्वीकृत कराने की मांग की है।
इसके साथ ही बैंक खातों से पिछले 6 माह से कन्वर्जन कॉस्ट आहरित नहीं होने के चलते मध्याह्न भोजन योजना संचालन में होने वाली समस्याओं के साथ-साथ खाद्यान्न उपलब्धता न होने एवं फल वितरण से संबंधित धनराशि के समय पर भुगतान नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया है। संगठन ने संबंधित प्रकरणों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
इस दौरान विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में प्राप्त धनराशि के उपयोग को लेकर कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया है। संगठन का कहना है कि कुछ स्थानों पर विद्यालयों में सामग्री की आपूर्ति के लिए दबाव बनाया जाता है और सामग्री नहीं लेने पर कार्रवाई की धमकी दी जाती है। संघ ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
संगठन के पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि पी0एफ0एम0एस0 खातों में प्राप्त धनराशि को नियमानुसार व्यय करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।पी0एफ0एम0एस0 पोर्टल पर विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में प्राप्त धनराशि को अतिशीघ्र एसएनए स्पर्श खातों में भेजा जाये, जनपद के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं कंपोजिट विद्यालय में पदोन्नति के माध्यम से प्रधानाध्यापक नियुक्त किए जाएं। शिक्षकों की ऑनलाइन सेवा पंजिकाओं में दर्ज त्रुटियों को दूर कर संशोधन संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाए,
विकास खंडों से भेजी गई ऑनलाइन चयन वेतनमान संबंधी पत्रावलियों को समयबद्ध तरीके से स्वीकृत की जाए।
संघ के जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रचार मंत्री संजीव शर्मा ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर लगातार पत्राचार किए जाने के बावजूद समाधान नहीं होने से संगठन और शिक्षकों में नाराजगी व्याप्त है।
संगठन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं प्रभारी वित्त एवं लेखाधिकारी एवं वरिष्ठ लेखाकार दिनेश शर्मा से 27 अक्टूबर 2026 तक सभी बिंदुओं पर ठोस एवं लिखित कार्रवाई कर संगठन को अवगत कराने की मांग की है। निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर 28 अक्टूबर 2026 को कार्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई है।
वार्ता के दौरान जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दामोदर सिंह यादव, उझानी ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद दीक्षित, हरीश यादव, सलारपुर ब्लाक अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पटेल, म्याऊं ब्लॉक कोषाध्यक्ष मौ0 अराफ़ात, मोहम्मद उजैर अहमद, रमन सिंह वैभव श्रोत्रीय आदि मौजूद रहे