शरदकालीन गन्ना बुवाई से बढ़ेगी पैदावार, किसानों को दी गई आधुनिक तकनीक अपनाने की सला
संवाददाता विनय अग्रवाल फतेहगंज पूर्वी
**द्वारिकेश चीनी मिल में किसान गोष्ठी आयोजित, करीब 450 किसानों ने किया प्रतिभाग**
फतेहगंज पूर्वी - द्वारिकेश चीनी मिल फरीदपुर की ओर से शुक्रवार को ग्राम उचसिया स्थित ललोरिया पब्लिक स्कूल में शरदकालीन गन्ना बुवाई गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के करीब 450 किसानों ने भाग लिया। गोष्ठी में किसानों को गन्ने की अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने, उन्नत प्रजातियों के चयन, संतुलित खाद के प्रयोग तथा मिट्टी की जांच कराने की सलाह दी गई।
गोष्ठी में शाहजहांपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक संजीव पाठक ने किसानों को ट्रेंच पद्धति, सिंगल बड विधि और एफआरबी विधि से गन्ना एवं गेहूं की सहफसली खेती करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गन्ने की बुवाई चार से पांच फीट की दूरी पर करने से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। साथ ही खेत में खरपतवार नियंत्रण, अवशेष प्रबंधन, हरी खाद के इस्तेमाल और मिट्टी की जांच के आधार पर पोषक तत्वों का प्रयोग करने पर जोर दिया।
समिति फरीदपुर के अध्यक्ष बज्रकिशोर शर्मा ने कहा कि द्वारिकेश चीनी मिल किसानों को गन्ने का मूल्य भुगतान और गन्ना विकास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से शरदकालीन बुवाई में अधिक क्षेत्रफल में गन्ना लगाने की अपील की।
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक फरीदपुर ने किसानों को कोसे 13235, कोसे 18231, कोलख 16202, कोसे 23232 और को-02016 जैसी उन्नत प्रजातियों की बुवाई निर्धारित दूरी पर करने की सलाह दी। उन्होंने बीज एवं मृदा उपचार के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
सचिव, बरेली ने किसानों से खेत की मिट्टी की जांच कराने और उसकी रिपोर्ट के अनुसार पोषक तत्वों का प्रयोग करने को कहा। वरिष्ठ अधिशासी उपाध्यक्ष अनिल कुमार त्यागी ने बताया कि शरदकालीन गन्ने की बुवाई अधिक क्षेत्रफल में करने से बेहतर पैदावार प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने किसानों को चीनी मिल में स्थापित मृदा जांच सुविधा का लाभ लेने की सलाह दी।
चीनी मिल के वरिष्ठ अधिकारियों ने गन्ना बुवाई के लिए अनुदान और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि नई उन्नत प्रजातियों को अपनाकर किसान उत्पादन में सुधार कर सकते हैं। किसानों को कीट नियंत्रण के लिए जैविक विधियों का उपयोग करने तथा समय से बुवाई, बीज चयन और उचित दूरी का ध्यान रखने की सलाह भी दी गई। इस दौरान प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और गन्ना कटाई में उपयोग होने वाले केन हार्वेस्टर की जानकारी भी दी गई।
गोष्ठी के दौरान चीनी मिल की ओर से स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया, जिसमें किसानों के रक्तचाप और ब्लड शुगर की जांच की गई। किसानों ने मिल की ओर से लगाई गई कृषि यंत्रों, कीटनाशक रसायनों, गन्ने की प्रजातियों और बुवाई की विधियों से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन कर जानकारी प्राप्त की।