बरेली मोड़ पर वीआईपी प्रोटोकॉल बना आम जनता के लिए आफत
सड़क बंद, जाम में फंसे स्कूली बच्चे और मरीज, पुलिस ने सज्जन को रोका तो फूटा आक्रोश - सवाल, नेता आएं तो सजा जनता क्यों भुगते?
बरेली शहर में आज भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आज दोपहर 12:30 बजे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बरेली पहुंच रहे हैं, जिसके चलते प्रशासन ने सुबह 7 बजे से ही शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया है।
इसी वीआईपी प्रोटोकॉल के चलते बरेली मोड़ पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर आम रास्ता बंद कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भारी वाहनों की नो-एंट्री और कई रास्तों को बंद करने से चौकी चौराहा, पटेल चौक, चौपुला और श्यामगंज समेत प्रमुख चौराहों पर यातायात रोक दिया गया था, जिससे पहले भी शहरवासियों को जाम से जूझना पड़ा था।
आज बरेली मोड़ पर भी वही नजारा देखने को मिला। अपनी रोजमर्रा के काम से जा रहे एक सज्जन को पुलिस ने रोक दिया। बिना किसी वैकल्पिक रास्ते के घंटों खड़े रहने से आक्रोशित होकर उन्होंने कहा - "हम टैक्स देते हैं, काम पर जाते हैं, नेता आ रहे हैं तो हमें क्यों रोका जा रहा है?"
स्थानीय लोगों का कहना है कि वीआईपी मूवमेंट के नाम पर घंटों जाम में स्कूली बच्चे, राहगीर और जरूरी काम से निकले लोग परेशान होते रहे हैं। प्रशासन भीड़ संभालने के बजाय पूरा रास्ता ही बंद कर देता है।
जनता का सवाल: अगर पदयात्रा लोकतंत्र बचाने के लिए है, तो लोक की सुविधा सबसे पहले होनी चाहिए। वीआईपी कल्चर के नाम पर आम आदमी के आने-जाने के अधिकार को रोकना कहां तक जायज है?
राजेश गुप्ता ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट बदायूं से