अधिकारियों की चुप्पी से आक्रोशित किसान, मांगें पूरी न होने पर प्रदेश व मंडल स्तर पर सौंपा जाएगा ज्ञापन; भूख हड़ताल की चेतावनी

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अधिकारियों की चुप्पी से आक्रोशित किसान, मांगें पूरी न होने पर प्रदेश व मंडल स्तर पर सौंपा जाएगा ज्ञापन; भूख हड़ताल की चेतावनी

Monday, November 2, 2026 | November 02, 2026 Last Updated 2026-11-02T14:52:00Z
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 संवाददाता कौशल पाराशरी यूपी हेड 
 
अधिकारियों की चुप्पी से आक्रोशित किसान, मांगें पूरी न होने पर प्रदेश व मंडल स्तर पर सौंपा जाएगा ज्ञापन; भूख हड़ताल की चेतावनी
बदायूं:
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के जिला अध्यक्ष सतीश साहू के नेतृत्व में जनपद की दो गंभीर समस्याओं के समाधान और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना 25वें दिन भी जारी रहा। गत 9 अक्टूबर से मालवीय आवास गृह पर किसान 24 घंटे, दिन-रात धरने पर डटे हुए हैं।
हैरानी की बात यह है कि ढाई हफ्ते से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद जिला प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों की सुध लेने तक नहीं पहुंचा। इससे स्थानीय प्रशासन की संवेदनशीलता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रमुख मुद्दे, जिन पर गरमाया है माहौल:
सार्वजनिक रास्ते और नाले पर अवैध कब्जा:
सदर तहसील अध्यक्ष दिलशाद हुसैन ने संबोधन में बताया कि पहला मामला बीएसएनएल कार्यालय के पीछे स्थित सार्वजनिक नाले और 8 फीट के आम रास्ते से जुड़ा है। आरोप है कि दबंगों ने सरकारी जमीन, नाले और रास्ते पर अवैध कब्जा कर लिया है, जिससे स्थानीय नागरिकों का आवागमन बाधित हो रहा है। बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने न तो निष्पक्ष पैमाइश कराई और न ही अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की।
इकरारनामा के बावजूद धोखाधड़ी से बैनामा:
जिला प्रवक्ता राशिद अब्बासी ने उझानी क्षेत्र के ग्राम जनुईया निवासी प्रेमवती और भगवान दास के जमीन विवाद का मुद्दा उठाया। आरोप है कि विधिवत इकरारनामा होने के बावजूद गजराज ने उसी जमीन का बैनामा फर्जी तरीके से दूसरे के नाम करा दिया और उस पर कब्जा भी कर लिया। शिकायतों के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज न होने से पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
"न्याय न मिला तो प्रदेश व मंडल स्तर पर दिया जाएगा ज्ञापन और होगी भूख हड़ताल"
किसान नेताओं का कहना है कि अधिकारियों की यह चुप्पी पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी है। यूनियन के पदाधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने शीघ्र दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की और पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं दिलाया, तो संगठन प्रदेश और मंडल स्तर पर ज्ञापन सौंपेगा और भूख हड़ताल शुरू करेगा। इस आंदोलन के अगले चरण की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
धरने पर प्रमुख रूप से उपस्थित:
इस दौरान महासचिव बीयीशु दास, दिलशाद हुसैन, रहीश मलिक, बब्वू हुसैन, रोहितास सिंह पटेल, भगवान दास, कामिनी, प्रेमवती, अजीम मिस्त्री, राशिद अब्बासी सहित बड़ी संख्या में किसान और पीड़ित परिवार मौजूद रहे।
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