छ: माह के बच्चे के अपहरण मामले में आया नया मोड:
डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट से हुई पुष्टि,
तीन अक्टूबर की रात घर से
हुआ था छह महीने के बच्चे का अपहरण
National 24 News
उत्तर प्रदेश बदायूं
अगवा आयुष की तलाश में पहुंचे एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान
बदायूं के कुंवरगांव थाना क्षेत्र से घर से अगवा छह महीने के मासूम की तलाश पुलिस को फिर शुरू करना पड़ेगी। वजह है कि हाथरस में मिले जिस बच्चे को दंपति अपना बता रहे थे, उसका डीएनए सैंपल दंपति के डीएनए से मिलान नहीं हुआ है। डीएनए रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस की टेंशन एक बार फिर बढ़ गई है,
क्योंकि अब नए सिरे से बच्चे की खोज करना होगी। कुंवरगांव के कल्लिया काजमपुर गांव में रहने वाले नेमसिंह का छह महीने का बेटा आयुष तीन अक्टूबर की रात घर से किसी ने अगवा कर लिया था। आधी रात को परिजनों को इसकी भनक लगी तो पुलिस ने भी तलाश शुरू कर दी थी लेकिन आयुष का कहीं कोई पता नहीं लग सका।
डॉग स्कायड भी बुलवाया
पुलिस ने बरेली से डॉग स्कायड भी बुलवाया और गांव समेत इलाके के जंगल में बच्चे की तलाश कराई। शुरूआत में पुलिस यह मान रही थी कि कोई जानवर बच्चे को घर से उठाकर ले गया लेकिन हर कोशिश असफल होने पर पुलिस ने बच्चे के अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया।यह परिवार आर्थिक तौर पर काफी कमजोर है, ऐसे में मासूम की तस्वीर तक इन लोगों के पास नहीं थी।
फिर हाथरस में मिला एक मासूम
पुलिस अगवा मासूम की तलाश में जुटी थी कि 10 अक्टूबर को हाथरस में अलीगढ़-आगरा हाइवे पर बैग में लिपटा एक छह महीने का बच्चा मिलने की जानकारी हुई। नेमसिंह व उसकी पत्नी को बच्चे की तस्वीर दिखाई तो उन्होंने दावा किया कि बच्चा उन्हीं का है।
फिर आई डीएनए टेस्ट की बारी
हाथरस की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने डीएनए टेस्ट के बाद ही दंपति के दावे की पुष्टि का फैसला सुनाया तो दंपति का डीएनए सैंपल प्रिजर्व कर उसे जांच के लिए भेजा गया। जबकि मासूम चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की देखरेख में रखा गया है।
रिपोर्ट में नहीं हुई पुष्टि
एसएचओ कुंवरगांव मनोज वर्मा ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट आ चुकी है, इसमें नेमसिंह व कन्यावती का डीएनए उस बच्चे के डीएनए से मिलान नहीं हुआ है। अब परिजन दोबारा डीएनए टेस्ट की अर्जी देने की बात कह रहे हैं। फिलहाल बच्चे की तलाश अपने स्तर से दोबारा शुरू कर दी गई है।