किसान को पीटने वाले लेखपाल पर दर्ज़ हो मुकद्दमा, किया जाए निलम्बित वरना होगा आन्दोलन : शंखधार

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किसान को पीटने वाले लेखपाल पर दर्ज़ हो मुकद्दमा, किया जाए निलम्बित वरना होगा आन्दोलन : शंखधार

Friday, September 9, 2022 | September 09, 2022 Last Updated 2022-09-09T13:46:19Z
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किसान को पीटने वाले लेखपाल पर दर्ज़ हो मुकद्दमा, किया जाए निलम्बित वरना होगा आन्दोलन : शंखधार

रामपुर उत्तर प्रदेश
रामपुर(एन24): रामपुर, मिलक। भारतीय किसान संघ रामपुर के जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार ने आज शुक्रवार दिनांक 9 सितंबर 2022 को जिलाधिकारी रामपुर और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर मांग की है

 कि तहसील मिलक में किसान व उसकी पत्नी को बुरी तरह से पीटने वाले लेखपाल पर मुकद्दमा दर्ज़ कर निलम्बित किया जाए। जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार ने बताया कि भारतीय किसान संघ रामपुर द्वारा पूर्व में ही जनपद की सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारी,

जिलाधिकारी रामपुर और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया था कि जनपद रामपुर की सभी तहसीलों में खुलेआम किसानों को लूटा जा रहा है बिना सुविधा शुल्क लिए अधिकांश कर्मचारी किसानों का काम नहीं करते हैं

कुछ कर्मचारी तो ऐसा तानाशाही रवैया अपनाते हैं कि किसान उन्हें पैसा देने को मना कर दे तो फिर उसे तहसील में ही मारना पीटना शुरू कर देते हैं। सभी तहसीलों में खतौनी निकलवाने का शुल्क बीस रुपए

किसानों से बसूला जा रहा है जबकि निर्धारित शुल्क केवल पन्द्रह रुपए ही है। सभी तहसीलों के अधिकांश कार्यालयों में प्राईवेट कर्मियों की भरमार है जिनके द्वारा ही किसानों से धन उगाही का कार्य कराया जाता है।

ऐसा ही एक मामला जिला रामपुर की तहसील मिलक में हुआ है। यहां के एक हल्का लेखपाल सुबोध कुमार अग्रवाल द्वारा दिनांक 07 सितंबर 2022 को एक किसान इस्लाम व उसकी पत्नी परवीन निवासी ग्राम धनेली उत्तरी को अपने साथियों के साथ मिलकर तहसील परिषर में खूब मारा पीटा गया।

किसान तहसील में बेहोश हो गया। जानकारी होने पर तहसील में मौजूद लोगों द्वारा मिलक में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया गया जहां से उसे रामपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। पीढ़ित किसान की पत्नी ने थाना मिलक में लेखपाल के खिलाफ़ तहरीर दी लेकिन थाना मिलक पुलिस द्वारा किसान की बात को नहीं सुना गया।

तथा तहसील प्रशासन मिलक के इशारे पर पीढ़ित किसान का उपचार भी नहीं किया गया। तब पीढ़ित किसान ने जिला अस्पताल रामपुर से छुट्टी लेकर अब निजी अस्पताल केयर हॉस्पिटल रामपुर में अपना इलाज़ करा रहा है। इतनी बड़ी घटना घटित हो जाने के बाद भी पुलिस द्वारा रिपोर्ट तक दर्ज़ न करना कहां तक उचित है।

 इस प्रकार की घटनाएं तहसीलों में होना एक आम बात सी हो गई हैं। ऐसे कर्मचारी व अधिकारियों की वजह से उत्तर प्रदेश सरकार की छवि पर असर पड़ रहा है। यह लोग पुरानी सरकार की मानसिकता से किसानों के साथ गलत व्यवहार कर रहे हैं

जो कि बिलकुल भी उचित नहीं है। इसलिए भारतीय किसान संघ रामपुर द्वारा अनुरोध किया गया है कि तहसील मिलक में तैनात लेखपाल सुबोध कुमार अग्रवाल के खिलाफ़ थाना मिलक में रिपोर्ट दर्ज़ कराकर उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच सही पाई जाने पर लेखपाल को निलम्बित किया जाए जिससे कि भविष्य इस प्रकार की घटनाएं किसानों के साथ घटित न होने पाए।
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