एटा में कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी के नाम पर लूट

Notification

×

All labels

All Category

All labels

एटा में कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी के नाम पर लूट

Thursday, December 22, 2022 | December 22, 2022 Last Updated 2022-12-22T14:21:59Z
    Share
एटा में कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी के नाम पर लूट

मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश जनपद एटा में ध्यान केंद्रित करें

जनपद के प्रतिनिधियों की आंखो में मिर्च झोंक खेला जा रहा खेल

खेल तामासे में करोड़ों रुपए का खेल

खेल तमासा माफियाओं के खेल में खेल रहे जिलाधिकारी एटा
दिल्ली  -उत्तर प्रदेश के जनपद एटा में कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी के नाम पर जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल ने एटा जिले के जनपद बासिन्दो के साथ करोड़ो रुपए का खेल तामासे से खेल कर के दिखा दिया है,

जनपद एटा में सन् १९७८-२०१७तक लाख रुपए में कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी लगती थी, जिसमें गरीब मजदूर तबके का शख्स के मेहनत की कमाई के रूपये १-१० बच्चों को सामान दिला कर काम चल जाता था,

 प्रदर्शनी सैनिकों की भूमि पर जिलाधिकारी के पत्र परमीशन लेकर निशुल्क मिल जाती है,अब १०००रुपये में गरीब मजदूर की मेहनत की गाड़ी कमाई में सामन एवं मेला देखा पाएंगे 

जनपद में मेला भू माफियाओं की साठ गांठ से २०१९ से एक करोड़ पन्द्रह लाख में शुरू होने वाली वोली लगा कर जनपद बासिनदो के साथ ठंगई का खेल सैनिक पड़ाव की निशुल्क भूमि पर करा दिया है,

खेल तामासे का माफिया आवेद रामपुर वाला आज एटा में कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी के नाम पर जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल से मिलकर 4200रूपये की एक फुट भूमि रेट से दुकानदारों को दे रहा है,


एक करोड़ तीस लाख रुपए में प्रदर्शनी के नाम ठेका ले कर तीन करोड़ की उगाई, उदाहरण के लिए 27लाख में फास्ट फूड एवं ढावा टैन्ट तथा विजली खर्च अलग से लग रहा है,सोफ्टी 20लाख ,मेले में आठ फुट भूमि 42000, टेंट एवं विजली अलग छोटी दुकान है 

जनपद बासिन्दो की मेहनत की कमाई पर दुकानदारों के द्वारा  कितनी गुनी कमाई की जाएगी,जरा सोचे

एटा का गरीब मजदूरों एवं किसानों तथा उधोगिक ब्यापारियो को कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी के नाम टोपी पहनाना कहे या खेल तामासे में खेल के खेल का


असली जमूडा जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल जनपद एटा के सांसद एवं विधायक सत्तारूढ़ पार्टी के जिला अध्यक्ष एवं सदस्यों की आंखों में मिर्च झोंक कर खेल तामासे का खेल किया जा चुका है ,

आई.ए.एस के दिमाग की उपज एक ट्रस्ट एटा कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी के नाम वना कर वैक में खाता खोल एक करोड़ तीस लाख बोरा में अंदर यूं ही नही चले संयोजकों को कुछ वोटी/रूपये देते हैं,

संयोजकों  की  चंदा बसूली से शहर में कोहराम मच गया है, जनपद बासिन्दो में चर्चा का विषय है, डीएम ने गरीबों की जेब पर डाका डलबा दिया, मीडियम लोगों की जेब में चंदा बसूली से डाका 

उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निगाह का जिलाधिकारी को डर  नही है क्या, ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है एटा में कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी में विना सरकारी रुपए लगाए, जनता के साथ खेल तामासे में खेल जी हां

  ट्रस्ट से संबंधित  प्राईवेट कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी/मेला सैनिक पड़ाव की निशुल्क भूमि में जिलाधिकारी एटा के पत्र पर एक माह की परमीशन लेकर

 जिला कलेक्टर प्रशासन एवं जिलाधिकारी मेला का टेंडर प्रक्रिया ना के बराबर लाख रुपए में अब तक देता था, जिला में कृषि विकास एवं औद्योगिक विकास पर मेला लगा

कर किसानों एवं ब्यापारियों को जागरूक स्टोल लगाऐ जाते है,इसी आड़ में जनता जनार्दन जाऐ भाड़ में खेल तामासे में गरीबों की जेब में न के बराबर खर्च पर सभी को रोजगार मिलता था, प्रदर्शनी में संयोजकों को प्रदर्शन का खर्च देकर जिलाधिकारी जिन्दाबाद के नारे लगाते थे,

शेष खेल तामासे का खेल
संवाददाता आशीष तिवारी 
CLOSE ADS
CLOSE ADS
close