स्मार्ट चिप कंपनी में कर्मचारियों की कमी... 10 हजार लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस फंसे
बदायूं। एआरटीओ कार्यालय में इस समय लाइसेंस को लेकर मारामारी है। करीब 10 हजार आवेदकों को सितंबर से लाइसेंस ही प्राप्त नहीं हुए हैं। वे लगातार एआरटीओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि लाइसेंस कार्ड बनाने का काम स्मार्ट चिप कंपनी करती है। वहां से ही लाइसेंस प्राप्त होने में देरी हो रही है।
एआरटीओ कार्यालय में रोजाना लाइसेंस बनवाने को आवेदन आ रहे हैं। प्रतिदिन 40-50 लाइसेंस बनवाने के आवेदन आ रहे हैं। साक्ष्य संकलन के बाद इसका डाटा ऑनलाइन फीड कर दिया जाता है।
अंत में लखनऊ में स्थित स्मार्ट चिप कंपनी लाइसेंस कार्ड जारी कर सीधे आवेदक के पते पर भेज देती है लेकिन सितंबर से आवेदकों को लाइसेंस प्राप्त नहीं हो रहे हैं।
एआरटीओ कार्यालय के अभिलेखों के मुताबिक करीब दस हजार से ज्यादा लाइसेंस कंपनी में फंसे हुए हैं। लाइसेंस भेजने के लिए कई बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है। इसके बावजूद लाइसेंस नहीं भेजे जा रहे।
बताया जा रहा है कि इस समय कंपनी में कर्मचारियों की कमी चल रही है। इससे लाइसेंस कार्ड बनाने और उन्हें भेजने तक में देरी हो रही है। अब फिर से एआरटीओ कार्यालय से कंपनी को रिमाइंडर भेजा गया है।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने को ऐसे करते हैं आवेदन
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है।
विभागीय वेबसाइट पर जाकर अपने साक्ष्यों को लगाकर आवेदन करना होता है। इसके बाद ऑनलाइन ही इसका टेस्ट देना होता है
और ऑनलाइन ही फीस जमा करना पड़ती है। हालांकि इससे पहले एआरटीओ कार्यालय में साक्ष्य लगाकर फार्म भरकर आवेदन करना पड़ता था लेकिन अब यह आवेदन ऑनलाइन कर दिया गया है।
इस समय जिले में कार और बाइक के लाइसेंस करीब दो लाख 12 हजार हैं। 10 हजार हैवी लाइसेंस और 50 लाइसेंस ई-रिक्शा के हैं।
- लाइसेंस कार्ड लखनऊ की स्मार्ट चिप कंपनी बनाती है। यहां से सारे आवेदन ऑनलाइन भेज दिए जाते हैं। अब तक करीब 10 हजार से ज्यादा लाइसेंस रुके हुए चल रहे हैं।
हमने वहां बात भी की है। वहां से बताया गया कि कंपनी में कर्मचारियों की कमी है। इससे देर हो रही है। - विकास कुमार यादव, आरआई