पुलिस ने न्यायालय में दाख़िल ही नहीं किया आरोप पत्र, तो आरोपी को कैसे मिलेगी सज़ा : शंखधार
रामपुर (मिलक)। भारतीय किसान संघ रामपुर के जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि दिनांक 18 सितंबर 2022 की रात्रि में 08.47 बजे फ़ोन पर एक अनजान महिला द्वारा अनजान मोबाइल नंबर से फ़ोन करके जान से मारने
, काट कर दो टुकड़े करने, गोली मारने, पंचनामा भरवाने आदि आदि प्रकार की धमकी देने के सम्बन्ध में दिनांक 19 सितंबर 2022 को थाना मिलक में एक मुकद्दमा अपराध संख्या 0379/22 पंजीकृत कराया गया था। जिसकी विवेचना में पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर उप निबंधक मोहम्मद वसीम अहमद व उनकी महिला मित्र अलका
सिंह का नाम प्रकाश में आया है इन दोनों को धारा 506 तथा 120 बी के तहत आरोपी बनाया गया है। जिसका खुलासा पुलिस क्षेत्राधिकारी मिलक की रिपोर्ट से हुआ है और अवगत कराया गया है कि आरोप पत्र संख्या 05/23 को दिनांक 03/01/2023 को न्यायलय में प्रेषित कर दिया गया है। जबकि यह आरोप पत्र दिनांक 20/05/2023 तक न्यायालय में नहीं पहुंच सका है।
जबकि आदेश शंखधार द्वारा पूर्व में भेजे गए अपने पत्रों में कहा गया है कि उप निबंधक मोहम्मद वसीम अहमद बहुत ही धनी व्यक्ति है वह अपने धन बल पर कभी भी कोई बड़ा नुक़सान पहुंचा सकता है और न्याय न मिल सके इस दिशा में भी वह कोई भी बड़ा कार्य कर सकता है
आज वही देखने को मिल रहा है जिसकी सम्भावना थी। जो आरोप पत्र दिनांक 03/01/2023 को न्यायलय को प्रेषित किया जा चुका हो और वह दिनांक 20/05/2023 तक न्यायालय में नहीं पहुंचा पा रहा हो इससे स्पष्ट हो जाता है कि वह अपने धन बल पर कभी भी न्याय नहीं मिलने देगा।
क्योंकि यहीं से प्रारम्भिक न्याय व्यवस्था को बिलम्ब किया जा रहा है तो आगे न्याय कैसे मिलेगा और यह कैसे समझा जाए कि वह सुरक्षित है इसलिए भय है कि उप निबंधक मिलक मोहम्मद वसीम अहमद अपने धन बल पर कभी हानि पहुंचा सकता है।