जज ने पूछा-छूटोगे तो क्या करोगे, बोला- हत्या करूंगा: गाजीपुर कोर्ट ने 4 साल के भांजे के हत्यारे मामा को फांसी की सजा सुनाई, कहा- मरते दम तक लटकाना
गाजीपुर में 4 साल के भांजे की गला काटकर हत्या करने वाले मामा अमजद खान को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। पीड़ित पक्ष के वकील अखिलेश सिंह ने बताया, गुरुवार को फैसला सुनाने से पहले जज शक्ति सिंह ने हत्यारे मामा से पूछा- अगर तुमको छोड़ दिया गया तो क्या करोगे? दोषी अमजद खान बोला- अगर कोई मुझसे उलझेगा तो मैं उसकी भी हत्या कर दूंगा।
अमजद का जवाब सुनकर जज शक्ति सिंह हैरान रह गए। उन्होंने फिर पूछा- तुम्हें तुम्हारे किए पर कोई पछतावा है? दोषी मामा बोला- बिल्कुल नहीं....। जज शक्ति सिंह ने कहा- इसको तब तक फांसी पर लटकाओ, जब तक इसकी मौत न हो जाए। फैसला सुनाने के बाद जज ने अपने पेन की निब तोड़ दी।
मां ने अपने बच्चे की हत्या होते देखी, दर्द को बयां नहीं किया जा सकता
जज शक्ति सिंह ने फैसला सुनाते ही टिप्पणी की। कहा,
" बच्चे की उम्र महज 4 साल थी। इस उम्र में बच्चा दुनिया की भलाई-बुराई के विषय में कुछ नहीं जानता था। बच्चे की हत्या करते समय क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गई थीं। मां ने अपने भाई के हाथों ही अपने बच्चे की हत्या होते देखी है। इस दर्द को शब्दों में बयां नहीं जा सकता।
अदालत के फैसले के बाद पुलिस ने अमजद को पुलिस ने जेल भेज दिया है। उस वक्त भी उसके चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था। वह किसी शातिर अपराधी की तरह लोगों को घूर-घूरकर देखता रहा।
भांजे का सिर गर्दन से लटक गया था
पीड़ित पक्ष के वकील अखिलेश सिंह ने बताया, दोषी मामा को फांसी की सजा सुनाई गई है। उसने अपने 4 साल के भांजे की गला काटकर हत्या कर दी थी। सिर महज 4 इंच ही गर्दन से जुड़ा हुआ था। मामूली विवाद में दोषी अमजद ने घटना को अंजाम दिया था।
बहन से हुआ था मामूली विवाद
घटना 21 अक्टूबर 2021 की है। 4 साल का दानियाल खान अपनी मां शबाना नाज के साथ गहमर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में अपने ननिहाल आया था। इसी दौरान आरोपी अमजद खान का अपनी बड़ी बहन से किसी बात को लेकर मामूली विवाद हो गया। जिसके बाद गुस्से में अमजद ने मासूम भांजे दानियाल की गर्दन को चाकू से काट दिया था। बच्चे की मां मौके पर ही मौजूद थी।
बहनों और भाई ने अमजद के खिलाफ गवाही दी दानियाल के चाचा अरबाज खान ने गहमर थाने में धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। एडीजीसी क्रिमिनल अखिलेश सिंह ने बताया कि मुकदमे के दौरान कुल 9 गवाहों की गवाही हुई। जिनमें आरोपी की तीन सगी बहनें और एक भाई भी शामिल थे। सभी साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने अमजद खान को दोषी करार दिया है।