धनेली पूर्वी: परमहंस भूढा आश्रम पर कथा वाचक मणीश्वर ने समझाया काम-क्रोध-लोभ-मोह का महत्व

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धनेली पूर्वी: परमहंस भूढा आश्रम पर कथा वाचक मणीश्वर ने समझाया काम-क्रोध-लोभ-मोह का महत्व

Wednesday, June 10, 2026 | June 10, 2026 Last Updated 2026-06-10T14:06:22Z
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धनेली पूर्वी: परमहंस भूढा आश्रम पर कथा वाचक मणीश्वर ने समझाया काम-क्रोध-लोभ-मोह का महत्व

मिलक, रामपुर धनेली पूर्वी स्थित श्री परमहंस बूढ़ा आश्रम पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में कथा वाचक मणीश्वर महाराज ने श्रद्धालुओं को काम, क्रोध, लोभ और मोह पर विस्तार से व्याख्या कर जीवन में संयम का महत्व समझाया। कार्यक्रम में कथा वाचक मणीश्वर ने कहा कि काम,

 क्रोध, लोभ और मोह मनुष्य के सबसे बड़े शत्रु हैं। ये चारों विकार इंसान को पतन की ओर ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि काम वासना मन को भटकाती है, क्रोध बुद्धि का नाश करता है, लोभ व्यक्ति को अंधा बना देता है और मोह इंसान को माया के बंधन में जकड़ लेता है।

महाराज जी ने उदाहरण देते हुए कहा कि रावण का विनाश काम और अहंकार के कारण हुआ, दुर्योधन को क्रोध और लोभ ले डूबा। इसलिए संतों ने इन चारों को नरक का द्वार कहा है। इनसे बचने का एक ही उपाय है - सत्संग, भजन और भगवान का नाम स्मरण।

उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि मन को वश में रखकर, धर्म के मार्ग पर चलकर ही मनुष्य अपना जीवन सफल बना सकता है। कथा के दौरान भक्तों ने "जय श्री राम" और "हर हर महादेव" के जयकारे लगाए।

इस अवसर पर शिवमओम पांडे सत्यदेव पांडे मुकेश पांडे राजेश पांडे गणेश पांडे सरदार जोगिंदर सिंह पंडित कृष्णानंद श्याम मित्र मंडल अध्यक्ष जीतू पांडे रामजी पांडेय अशोक पांडे योगेश पांडे अरविंद पांडे एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बुजुर्ग श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
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