फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र धमोरा में एक दिवसीय किसान मेले का हुआ आयोजन
रामपुर, आज दिनांक 6 अक्टूबर 2023 को कृषि विज्ञान केंद्र धमोरा, रामपुर द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत एक दिवसीय किसान मेला एवं कृषक संवाद का आयोजन किया गया। साथ ही साथ फसल अवशेष चेतना यात्रा भी निकल गई।
मेले एवं चेतना यात्रा की उदघाटन मुख्य अतिथि श्री बलदेव सिंह औलख जी, माननीय राज्य मंत्री कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान उत्तर प्रदेश सरकार एवं श्रीमती अर्चना गंगवार ब्लॉक प्रमुख मिलक रामपुर ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम के उदघाटन संबोधन में मुख्य अतिथि ने कृषकों को आवाहन किया
कि फसल की पराली न जलाकर उसे खेत में ही सढ़ाकर अपने खेत को उपजाऊ बनाएं जिससे प्रदूषण भी नहीं होगा और किसान की लागत भी कम होगी और फसल के अवशेष न जलाकर उसे मशीनों के द्वारा काटकर तथा सढ़ाकर खेत में ही उपयोग करने की सलाह दी।
इस अवसर पर केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉक्टर फैज मोहसिन ने किसानों को नवीन कृषि तकनीक अपना कर फसल की लागत में कमी के साथ उत्पादन में बढ़ोतरी पर जोर दिया। जिला कृषि अधिकारी ने कृषकों को कृषि की नई तकनीकी अपनाने के साथ सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
कार्यक्रम में बीईडीएफ एपीडा के प्रधान वैज्ञानिक रितेश शर्मा ने बासमती धान बीज के उत्पादन तथा गुणवत्ता एवं महत्व पर जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में फसल अवशेष प्रबंधन पर पराली को जलाने के नुकसान परली का मशीनों द्वारा प्रबंधन कैसे करें कि विषय में विस्तृत जानकारी दी।
केवीके बरेली की वैज्ञानिक डॉ वाणी ने मृदा एवं मानव स्वास्थ्य की रक्षा के लिए फसल अवशेष प्रबंधन के विषय में जानकारी दी। कार्यक्रम में पशु वैज्ञानिक डॉ रूपम सिंह ने पशुओं की देखभाल एवं बीमारियों से कैसे बचाव करें के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर अनुज बंसल ने गौ आधारित प्राकृतिक खेती तथा फसलों को कीट एवं बीमारियों से कैसे बचाया जाए के बारे में किसानों को जानकारी दी।
मेले में केंद्र के वैज्ञानिक डॉ आशीष कुमार ने किसानों को बाग बगीचों के रखरखाव के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर किसान मेला एवं प्रदर्शनी में उत्कृष्ट इंस्टॉल लगाने पर प्रमाण पत्र भी दिए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री जी डी देवराडी,