काशी_हिंदू_विश्वविद्यालय (BHU) के निर्माण के समय हैदराबाद निजाम के जूते की निलामी तक करवा दी।

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काशी_हिंदू_विश्वविद्यालय (BHU) के निर्माण के समय हैदराबाद निजाम के जूते की निलामी तक करवा दी।

Monday, December 25, 2023 | December 25, 2023 Last Updated 2023-12-26T06:59:16Z
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काशी_हिंदू_विश्वविद्यालय (BHU) के निर्माण के समय हैदराबाद निजाम के जूते की निलामी तक करवा दी।

बीएचयू के निर्माण में मालवीय जी चंदा मांगने पूरे देश का भ्रमण कर रहे थे। वह देश के सभी राजा-महाराजाओं, उद्योगपतियों और आम जनों से हिंदू विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए चंदा मांग रहे थे।

अपने इस सफर के दौरान मालवीय जी हैदराबाद के निजाम के पास भी जा पहुंचे। हैदराबाद रियासत के निजाम के पास अकूत दौलत थी। उनका नाम विश्व के सबसे रहीस लोगों में शामिल किया जाता था। ऐसे में मालवीय जी भी निजाम के पास विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए चंदा लेने के लिए पहुंच गए।

#निजाम ने #सहयोग के नाम पर दे दी अपनी #जूती
जब महामना मदन मोहन मालवीय बीएचयू के निर्माण के लिए मदद मांगने निजाम के पास पहुंचे तब निजाम ने उनको आर्थिक सहयोग देने से साफ मना कर दिया. इस दौरान निजाम ने उन्हें जूता दे दिया. जूता मिलने पर मालवीय जी ने निजाम से कुछ नहीं बोला, लेकिन उन्हें ये अपमान लगा।

 मालवीय जी ने बाहर आकर निजाम के जूते की निलामी करनी शुरू कर दी। किसी तरह से ये सूचना निजाम के पास पहुंची। मालवीय जी ने निजाम को सबक सिखाने के लिए उसकी जूती की निलामी करनी शुरू की थी।


        मिली जानकारी के मुताबिक, इसके बाद निजाम ने सम्मान के साथ मालवीय जी को फिर से बुलाया और माफी मांगते हुए बीएचयू के निर्माण के लिए मालवीय जी को आर्थिक तौर पर बड़ा दान भी दिया.


जब मालवीय जी ने काशी नरेश से बीएचयू के निर्माण के लिए जगह मांगी तब काशी नरेश ने उनसे कहा कि आप एक दिन में जितना पैदल चल सकते हैं, उतना चलिए और जगह नाप लीजिए। वह सारी जगह आपकी हो जाएगी। इसके बाद मालवीय जी पूरे दिन पैदल चलते गए और उन्होंने जितनी जगह नापी, वह सारी जगह काशी नरेश ने दान में दे दी।
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