बहजोई सम्भल / उत्तर प्रदेश
श्रम विभाग की खुली पोल सम्भल।
आजाद जीवों को बंधक बना कर नाबालिक बच्चे कर रहे व्यापार,
श्रम विभाग की सह से फल फूल रहा व्यापार मनुष्य अपने स्वाद के चक्कर में जिंदे जीवों के जीवन
से कर रहे खिलवाड़ नाबालिक बच्चे आजाद पक्षियों को बंधक बनाकर कर रहे व्यापार,क्या इसमें श्रम विभाग के आला अधिकारियों की वजह से जीवों के जीवन से खिलवाड़ कबूतरो का नाबालिक बच्चे कर रहे हैं
क्रय विक्रय, मुर्गा बाजी की सैल नाबालिक बच्चे कर रहे जीवों के भविष्य से खिलवाड़ क्यों प्रभु इन जीवों का जीने का अधिकार नहीं,क्या ऐसा नहीं सबको जीने का अधिकार है। कबूतर छोड़कर सबके घर पर गली मोहल्ले में घर पर चढ़ कर कबूतर पकड़ते हैं एक आजाद पक्षियों को बंधक बनाकर क्रय विक्रय किया जा रहा है,
नाबालिक बच्चे तमाम खेतों मजदूरी पर धानों की पौध लगवाते हैं अन्य कार्य खेती की मजदूरी पर करते हैं अवैध खनन पर नाबालिक बच्चे टैक्टर चला रहे हैं इस खुले आम श्रम विभाग करवा रहा है बच्चे नाबालिक बुलेट मोटर साईकिल से स्कूल जा रहे हैं श्रम विभाग डाका डाल रहा है
डर भय बनाकर रकम ऐठना दुकान के अंदर कोई नाबालिक मजदूर है,तब दुकान दार जिम्मेदार होता है अगर दुकान के बाहर कोई नाबालिक कार्य करता तब दुकानदार निर्दोष के लिए दोषी क्यों बनाया जाता है,
संजय आटो पार्ट्स की एक छोटी सी दुकान निकट डीएम ऑफिस संभल के पास है जिस पर खुद मालिक अकेला कार्य ग्राहक की सेबा के रूप उचित मूल्य पर कोई पुर्जा दुकान में से निकाल कर देता है न कोई नौकर है खुद ही नौकर हैं मिस्त्री बालिक हैं उसका अलग कार्य है
उसके माता निकल रहीं हैं कुछ दिन काफी तबियत खराब होने के कारण बह अपने घर पर घरेलू उपचार कर रहा है प्रभु ठीक करेंगे उसकी पीछे दुकान दार से श्रम विभाग कर मनमानी ताना साही उसे डरा धमका कर उसके प्लेन पेपर साइन करा लिए गए
क्या प्रभु धन ही सब कुछ है न्याय की उम्मीद जगी संजय राष्ट्रीय मानवाधिकार का दिमाग टेंशन में है बच्चे बहुत बीमार पत्नी नीलम दिमागी टेंशन में है