उत्तर प्रदेश में जनपद एटा को मिला तीसरा स्थान
उत्तर प्रदेश में जनपद एटा शीर्ष पांच में शामिल
लखनऊ - उत्तर प्रदेश में जनपद एटा जिले का नाम सुनते ही सांप सूंघ जाता था, जिला एटा अपराध की दुनिया में अपनी अलग थलग पहचान बनाऐ था, जिला एटा में पोस्टिंग के नाम शरीर थर्रा जाता था,एटा जिले में अधिकारी पोस्टिंग न होने का खर्च करता था, दस्क बदले और कानून व्यवस्था को मजबूत कंधों के सहारे गैंग खत्म जमीनों दोज होते देखा और फिर एक किरण... ?
मा0 मुख्यमंत्री कार्यालय से सी0एम0 डैशबोर्ड के माध्यम से हुई समीक्षा में जनपद एटा शीर्ष पांच में शामिल हुआ है, शासन द्वारा नवम्बर माह की जारी की गई रैकिंग में जनपद को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने जनपद के शीर्ष पांच में शामिल होने एवं जनपद को प्रदेशभर में तीसरी रैैंक प्राप्त होने पर जनपद की पूरी टीम को बधाई देते हुए,
इसी प्रकार से आगामी समय में कार्य करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि शीर्ष पांच में शामिल होना जनपद के लिए गौरव की बात है, हम सभी को इस रैकिंग को आगामी समय में भी कायम रखना है। सभी टीम भावना के साथ कार्य करते हुए जनपद के विकास में अपना सक्रिय योगदान दें।
डीएम ने कहा कि यह रैंकिंग जनपद में कार्यरत सभी अधिकारियों, कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम हैं। सुबह
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विकास कार्यक्रमों की प्रतिदिन प्रातः 09 बजे से 10 बजे तक वीडियो कॉन्फ्रेसिंग की जाती है, जिसमें जिला विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, डीसी एनआरएलएम, डीपीआरओ, सभी खण्ड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, पंचायत सचिव आदि द्वारा प्रतिभाग किया जाता है। प्रातः प्रतिदिन आयोजित होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में ग्राम निधि, पंचायती राज, स्वच्छ भारत मिशन, ऑपरेशन कायाकल्प, मनरेगा, गौशाला, पैंशन आदि अन्य विभिन्न प्रकार की योजनाओं की समीक्षा की जाती है।
इसके अलावा प्रतिदिन शाम 07 बजे से निर्वाचन से जुड़े महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर समस्त ईआरओ, एईआरओ, सुपरवाईजर आदि के साथ एवं शाम 08 बजे से राजस्व विभाग से जुड़े पैमाईश प्रकरण, कोर्ट केस प्रकरण, पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य समस्यात्मक प्रकरणों के संबंध में उप जिलाधिकारियों, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल आदि के साथ अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेसिंग की जाती है।
जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिले में तीन प्रकार से हो रही प्रतिदिन समीक्षा के अच्छे परिणाम मिले हैं। इसके साथ ही प्रातः 10 बजे से अपरान्ह 12 बजे तक जनपद के सभी जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा अपने कार्यालय में नियमित रूप से जनसुनवाई कर जनता की समस्याओं को सुनकर प्रभावी ढंग से शासन की मंशानुसार गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा रहा है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को निस्तारण के संबंध में अवगत कराते हुए उसे संतुष्ट करने का पुरूजोर प्रयास किए जा रहे हैं।
डीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि मा0 मुख्यमंत्री कार्यालय से सी0एम0 डैशबोर्ड का उपयोग विभिन्न विभागों में सेवाओं, योजनाओं एवं परियोजनाओं में विभिन्न स्तरों के अधिकारियों द्वारा किये जा रहे कार्यों का अनुश्रवण सर्वाेच्च स्तर से किया जा रहा है। सरकार की समस्त परियोजनाओं में विभिन्न स्तर के कार्याें के मूल्यांकन हेतु एक इण्टीग्रेटेड पोर्टल के रूप में सी0एम0 डैशबोर्ड की स्थापना की गयी है, इसके माध्यम से डाटा आधारित गुणवत्तापूर्ण अनुश्रवण प्रणाली का विकास किया गया है। इसके तहत सभी विभागों द्वारा अपने विभाग से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन, लाभार्थियों को लाभान्वित किए जाने के संबंध में सूचना समय से अपने विभागीय पोर्टल पर फीड कराई जाती है। तदोपरान्त यह सूचना स्वतः सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित होगी।