राशन विक्रेताओं की ओर से अपना मानदेय बढ़ाने को लेकर उप जिलाधिकारी को लिखा ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा

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राशन विक्रेताओं की ओर से अपना मानदेय बढ़ाने को लेकर उप जिलाधिकारी को लिखा ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा

Wednesday, December 27, 2023 | December 27, 2023 Last Updated 2023-12-27T13:07:13Z
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राशन विक्रेताओं की ओर से अपना मानदेय बढ़ाने को लेकर उप जिलाधिकारी को लिखा ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा

रामपुर। मिलक तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन इकाई उ.प्र की ओर से क्षेत्र के सभी राशन विक्रेताओं ने अपना मानदेय बढ़ाने को लेकर उप जिला अधिकारी को लिखा ज्ञापन तहसीलदार राकेश कुमार को सौंपा एवं एक कॉपी मिलक सप्लाई इंस्पेक्टर राजीव गुप्ता को दी।

आपको बताते चलें कि आज दिनांक 27 दिसंबर दिन बुधवार को ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन इकाई उ.प्र की ओर से एकत्रित तहसील क्षेत्र के सभी कोटेदारों ने अपना मानदेय बढ़ाने को लेकर उप जिलाधिकारी को लिखा ज्ञापन तहसीलदार राकेश कुमार को सौंपा।

वहीं ज्ञापन की एक कॉपी मिलक सप्लाई इंस्पेक्टर राजीव गुप्ता को दी। ज्ञापन में कोटेदारों ने बताया कि वह शासन के निर्देशानुसार राशन वितरण करते हैं।


उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी उत्तर प्रदेश के कोटेदार ने प्रधानमंत्री अन्न योजना व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्रों को निशुल्क वितरण किया। उन्होंने कहा कि कोटेदार हर तरह से अपने परिवार के जीवन की परवाह न करते हुए


 भी सरकार के निर्देश के अनुसार ई-पास मशीन से पूरी ईमानदारी के साथ राशन वितरण किया। जिसकी सराहना पूरे भारत में की गई। यही नहीं हमारे द्वारा किए गए इस कार्य से उत्तर प्रदेश सरकार को भी भारत सरकार ने प्रशस्ति पत्र दिया।


 ज्ञापन में यह भी कहा कि उनका मानदेय वर्तमान में ₹90 प्रति कुंतल मिलता है जबकि देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा बहुत कम है जो की अन्य राज्यों में जैसे हरियाणा में ₹200 प्रति कुंतल,


गोवा में ₹200 प्रति कुंतल, केरल में भी ₹200 प्रति कुंतल, महाराष्ट्र में ₹150 प्रति कुंतल, राजस्थान में 150 रुपए प्रति कुंतल एवं गुजरात में ₹20000 का मानदेय दिया जा रहा है।


 इसी को लेकर कोटेदारों ने उप जिलाधिकारी से ज्ञापन के द्वारा मानदेय बढ़ाने की मांग की जिससे वह अपने परिवार का भरण पोषण सुचारू रूप से चला सके।


साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो 1 जनवरी 2024 से उत्तर प्रदेश के राशन विक्रेता अपने वितरण कार्य में रित रहेंगे जिसका सारा उत्तरदायित्व शासन एवं प्रशासन का होगा।
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