गन्ना मूल्य में वृद्धि न करके आन्दोलन करने को बाध्य कर रही है सरकार : शंखधार

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गन्ना मूल्य में वृद्धि न करके आन्दोलन करने को बाध्य कर रही है सरकार : शंखधार

Saturday, January 13, 2024 | January 13, 2024 Last Updated 2024-01-13T11:03:49Z
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गन्ना मूल्य में वृद्धि न करके आन्दोलन करने को बाध्य कर रही है सरकार : शंखधार


मिलक। भारतीय किसान संघ रामपुर के जिला अध्यक्ष आदेश शंखधार ने प्रेस वार्ता कर कहा है कि 05 जनवरी को भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधि मण्डल की उत्तर प्रदेश सरकार से वार्ता हुई थी जिसमें भारतीय किसान संघ द्वारा गन्ना का मूल्य 450 रुपए प्रति कुंतल करने तथा पर्चियों पर मूल्य अंकित

 करने का अनुरोध किया गया था। क्योंकि इस पेराई सत्र का लगभग आधा समय बीत जाने के बाद भी गन्ना मूल्य में वृद्धि न करना किसान हित में कदापि उचित नहीं है। जिसे सरकार द्वारा तीन दिवस के अन्दर गन्ना का मूल्य वृद्धि करने तथा पर्चियों पर अंकित करने की बात कही गई थी।


 लेकिन सरकार द्वारा दिया गया समय निकल गया है और सरकार अपनी बात पर क़ायम नहीं है। वह किसानों के हित में निर्णय लेने में जानबूझ कर देरी कर रही है।


 क्योंकि गन्ना मूल्य में वृद्धि न होने तथा आधा सीज़न बीत जाने के बाद भी गन्ना मूल्य पर्चियों पर अंकित होकर न आने से सरकार के प्रति किसानों में रोष व्याप्त है। वर्तमान में चीनी का भाव बाज़ार में लगभग इकतालिश रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं लेकिन गन्ना का मूल्य वहीं है। कोल्हू पर गन्ना अच्छे दामों में बिक रहा है


तो शुगर मिल मालिक भी गन्ना मूल्य में वृद्धि करने के लिए तैयार हैं। लेकिन सरकार की ढील होने के कारण किसानों को नुकसान हो रहा है। भारतीय किसान संघ उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करता है

कि अति शीघ्र गन्ना मूल्य में वृद्धि की जाए तथा पर्चियों पर मूल्य अंकित होकर आना चाहिए। ऐसा न होने की दशा में भारतीय किसान संघ पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होगा

जिसकी सभी ज़िम्मेदारी सरकार की होगी। इस मौके पर जिला गन्ना प्रमुख प्रेम बहादुर गंगवार, कृष्ण मुरारी शर्मा, अरविन्द गंगवार, मौजूद रहे।
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