सनदुल औलिया हजरत ख्वाजा फसाहत हसन शाह के तीन दिवसीय उर्से पाक का आज हुआ समापन
मिलक- तहसील मिलक के अंतर्गत ग्राम भैंसोड़ी शरीफ स्थित सुप्रसिद्ध दरगाह सनदुल औलिया हज़रत ख़्वाजा मुहम्मद फ़साहत
हसन शाह रहमतुल्लाह अलैह का 23 वाँ सालाना उर्से पाक के मौके पर आज तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत कुल शरीफ का आयोजन किया गया। कुल शरीफ में हजारों की तादाद में देश-विदेश से आए
जा़यरीन ने और क्षेत्रीय अकीदतमंदों ने शिरकत की, कुल शरीफ के बा बरकत मौके पर साहिबे सज्जादानशीन सूफी सबाहत हसन शाह मद्दाज़िल्लाहुल आली ने सभी जा़यरीन और अकीदतमंदों के हक़ में दुआ फरमाई।
कुल शरीफ के उपरांत दरगाह इंतजामिया कमेटी के द्वारा एक विशाल पैमाने पर लंगर का आयोजन किया गया। और बड़ी अकीदतमंदी के साथ सभी जा़यरीन को बड़े ही सलीके के सात लंगर पेश किया गया। इसी बीच दरगाह परिसर में मशहूर और मारूफ कब्बालों के द्वारा सूफियाना कलाम प्रस्तुत किए गए। कव्वाली के प्रोग्राम का भी लोगों ने भरपूर लुत्फ उठा और मजार शरीफ पर चादरपोशी और गुलपोशी की गई ।
आज उर्से का तीसरा दिन था रोज़ाना की तरह आज भी दिन में सुबह 7 बजे दरगाह शरीफ़ पर क़ुरआन ख़्वानी का आयोजन हुआ, जिसमें मुर्शिद नगर भैंसोड़ी शरीफ़ के हाफ़िज़ व क़ारी फ़सीहलु हसन उर्फ़ दद्दा मियाँ ने ज़ाएरीने किराम के साथ दरगाह शरीफ़ पर फ़ातेहा व सलातो सलाम पढ़ा क़ुरआन ख़्वानी के बाद सभी के लिए दुआए ख़ैर की।
आज क़ुल शरीफ़ की महफ़िल में ज़ाएरीन का भारी हुजूम था, आज अरबी शिजरे के साथ फ़ातेहा ख़्वानी हुई, जिसमें सभी हाज़िरीन ने झूम झूम के शिजरा पढ़ा और उसके बाद दरगाह शरीफ़ के सज्जादानशीन हज़रत ख़्वाजा मुहम्मद सबाहत हसन शाह मद्दाज़िल्लाहुल आली ने क़ौमो मिल्लत की तरक्की के लिए, मुल्क की ख़ुशहाली व तरक्की के लिए दुआ माँगी गई।