पूरे परिवार की मृत्यु के मामले में हुई सीबीआई जांच की मां
बंद कमरे में जलती रहे पांच लोग कमरे मे सुरक्षित रहा सभी सामान
।।पूरे परिवार की मृत्यु का राज तलाशने में जुटी टीमें।।
थाना फरीदपुर जनपद बरेली के अंतर्गत कल दिनांक 28 जनवरी 2024 को मोहल्ला फर्राखपुर में एक मकान में पूरे परिवार का खत्म होना गेट पर ताला लगा होना व कमरे के बाहर भी ताला लगा होना और आंगन में खड़ी
तीनमोटरसाइकिलों के फ्यूल पाइप किसने और क्यों काटे, इनकी टंकियां का पेट्रोल कहां गया, ऐसे कई सवाल उठाते हुए शाम तक मृतक अजय गुप्ता के भाई अनिल गुप्ता हत्या कीप्राथमिकी के लिए अपनी बात को कहते रहे, इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए
जिला प्रशासन ने पैनल के द्वारा पोस्टमार्टम कराया जिसमें डॉक्टर आशुतोष पाराशरी और डॉक्टर अर्जुन सिंह शामिल रहे रात में पांचो शव वापस फरीदपुर भेजे गए शमशान भूमि पर पहुंचे हुए पांचो शबों को अजय गुप्ता के ससुर चंद्र सेन ने पहले हत्या की प्राथमिक लिखे जाने की मांग करते हुए अंतिम संस्कार रुकवा दिया ,
और कहा कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या है मायके वालों ने सीबीआई जांच की भी मांग उठाई ,पुलिस ने सवाल किया कि किस पर शक है, इस पर अजय गुप्ता के ससुर ने कहा कि कोई भी परिचित हो सकता है
या किसी बाहर वाले ने भी घटना को अंजाम दिया हो कुछ भी हो सकता है लेकिन यह हत्या ही की गई है आप हमारी हत्या की प्राथमिक को पंजीकृत करें उसके बाद क्षेत्राधिकार गौरव सिंह यादव ने कहा कि कि वह अपना प्रार्थना पत्र दें उसे प्रार्थना पत्र के आधार पर प्राथमिक की पंजीकृत की जाएगी अगर कोई नामजद नहीं लिखाना है
,तो अज्ञात में अपनी प्रार्थना की दे सकते हैं, इस रिपोर्ट को पुलिस प्रशासन की ओर से शासन को भेजा जाएगा वहां से सीबीआई जांच का आदेश होगा तब सीबीआई जांच भी कराई जाएगी।
क्रांतिकारी के आश्वासन के करीब 1 घंटे बाद परिवार के सभी लोग शांत हुए तब जाकर उन सभी का अंतिम संस्कार किया गया उनका कहना है कि सोमवार को वह फरीदपुर कोतवाली में तहरीर दी जाएगी उधर दूसरी तरफ पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए सभी सबों के कपड़ों को जप्त कर लिया है
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतकों के पेट में पेस्टी फूड मिला जिसे कहा जा रहा है की पांच लोगों ने तीन से चार घंटा पहले ही खाना खाया था उसके बाद अजय की मां ने बताया कि अजय ने अपना मकान बनाने के लिए शांति नगर में एक 70 गज का प्लांट भी खरीद लिया था।
इससे वह अपने घर में पहुंच सके वर्तमान में ही उन्होंने फरखपुर में ही एक मकान का सौदा किया था जिनकी रजिस्ट्री मार्च में होना तय थी अभी वह किराए के मकान पर रह रहे थे ,इस बात को लेकर भी बहुत सी चर्चाएं हुई, माता-पिता और भाई के अपने मकान में रहने और अजय के किराए के मकान में रहने को लेकर भी पड़ोसियों में चर्चाएं चल रही थी,लोगों का कहना था कि यह बात अब तक किसी के समझ में नहीं आई की मकान होते हुए
भी अजय किराए के मकान में क्यों रहता था।। उधर पुलिस का कहना है कि कमरे के अंदर उन्हें ब्लोअर जलता हुआ मिला लेकिन हीटर के ऊपर कोई भी प्लेट नहीं मिली, एक लोहे की प्लेट जरूर मिली है जो अक्सर ही कर की बड़ी बनाने में इस्तेमाल की जाती है
इसे समझा जा रहा है कि कमरे में बलोर के साथ एक हीटर भी चल रहा था मिट्टी को काफी पकाने के बाद ही फीचर को बनाया जाता है इसलिए काफी तापमान से आसानी से जेल सकता है ,इतनी जल्दी पूरी प्लेट का खत्म होना एक गले से नहीं उतर रहा है, इससे यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है, कि कमरे में ही चल रहा था या नहीं भी चल रहा था ,बल्कि 15 वाट का लगा हुआ
बिजली का स्विच भी ऑन था, जबकि वलोअर के तार नहीं लगे हुए पाए गए।। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी कई सबूत एकत्रित किए हैं ,अब इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कमरे में रखा हुआ समस्त सामान टीवी फ्रिज इनवर्टर वॉशिंग मशीन ड्रेसिंग टेबल अलमारी सभी को सुरक्षित पाया गया कि एह कहने में अंदेशा नहीं है कि परिवार की हत्या ही की गई है,, हालांकि हालांकि अजय के परिवार वाले बार-बार हत्या का आरोप लगा रहे हैं मगर पुलिस अभी तक इस बारे में कोई भी स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रही है।। इस गलती को सुलझाने में पुलिस अफसर के हाथ पैर फूले ।।
उधर घटना की सूचना पाकर आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप, फरीदपुर विधायक प्रोफेसर डॉक्टर श्याम बिहारी लाल ,भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, पूर्व जिला महामंत्री अनिल राणा विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह राणा ,
विधान परिषद सदस्य कुमार महाराज सिंह जी, पुलिस महानिरीक्षक राकेश सिंह, जिलाधिकारी महोदय रविंद्र कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुशील चंद्रभान समेत पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी घटना स्तर पर मौजूद रहे ।।
सवालों के घरों में पुलिस
1 .कमरे के बाहर ताला क्यों लगा हुआ था ?
2 .बिना रजाई के क्यों लेटे हुए थे अजय ?
3. हीटर की आग से अन्य सामान क्यों नहीं जला?