बिलासपुर में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ने 16 फरवरी को भारत बंद को लेकर किसानों को एकजुट होने का आह्वान किया
रामपुर। बिलासपुर में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ने 16 फरवरी को भारत बंद को लेकर किसानों को एकजुट होने का आह्वान किया है। भारत बंद को सफल बनाने में किसान लामबंद हैं, जबकि कुछ गुट अपने नेताओं के दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।
भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह गिल ने कहा कि 16 फरवरी को सभी किसान अपना कामकाज बंद कर भारत बंद का पूरी तरह से समर्थन करें, ताकि सभी किसानों की जीत हो सके। भाकियू जिला अध्यक्ष बुधवार को नगर कार्यालय पर किसानों की पंचायत को संबोधित कर रहे थे।
कहा कि 16 फरवरी को भारत बंद के तहत सभी किसान पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला मुख्यालय पर एकत्र होंगे। सभी तहसीलों में भी दुकान आदि आम सहमति से बंद कराईं जाएंगी।
उन्होंने कहा कि सभी किसान अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ भारत बंद का आह्वान कर रहे हैं। उनका विरोध सरकार को मांगे मनवाने के लिए मजबूर करेगा। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी को जो किसान जहां हों, वह उस दिन अपना कामकाज न करें। बल्कि, विरोध स्वरूप हड़ताल पर रहें।
इससे पूर्व जिला अध्यक्ष ने तमाम किसानों के साथ ग्राम सिमरा, रास डंडिया, खानपुर, मेघानगला, हल्द्वा, जिवाई, म्यड़ी, उदयपुर, लालानगला, कमुआ नगला, मुंडिया कला, हरैया कलां, गंगापुर कलां, अनवरिया, अफसर नगर, डोहरिया,
धावनी हसनपुर, कोठाजागीर, देवापुर, आनंद नगर आदि गांवों का भ्रमण किया। उन्होंने किसानों से 16 फरवरी को भारत बंद सफल बनाने की अपील की।
पंचायत में तहसील अध्यक्ष निरपजीत सिंह, अर्जुन सिंह गिल, हरविंदर सिंह, सर्वजीत सिंह, प्यारा सिंह, बलवीर सिंह, निर्मल सिंह, हाजी हजूर, बिजेंद्र सिंह लोधी, सुखविंद्र सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
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शंभू बॉर्डर पर उत्पीड़न के विरोध में किसानों का प्रदर्शन
बिलासपुर। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर तराई किसान संगठन कार्यकर्ताओं ने बुधवार को काशीपुर हाईवे किनारे प्रदर्शन कर 16 फरवरी को भारत बंद को सफल बनाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा शंभू बॉर्डर पर किसानों के उत्पीड़न की कड़ी निंदा करता है।
बुधवार दोपहर तमाम किसान तराई किसान संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष व संयुक्त किसान मोर्चा संयोजक तेजेंद्र सिंह बिर्क के नेतृत्व में ग्राम डिबडिबा में काशीपुर हाईवे किनारे एकत्र हुए। सभी ने हाईवे किनारे प्रदर्शन किया। इसके बाद हुई बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष व संयोजक ने सभी समान विचारधारा वाले किसान संगठनों से सामान्य मांगों पर मुद्दा आधारित संघर्ष को सफल बनाने की अपील की।
उन्होंने मोदी सरकार को चेतावनी दी कि किसान आंदोलन एकजुट होकर विरोध करने के लोकतांत्रिक अधिकारों पर किसी भी हमले का प्रतिरोध करेगा। उन्होंने कहा कि एसकेएम ने किसान संगठनों के दिल्ली चलो मार्च को रोकने के लिए राज्य शक्ति के अति प्रयोग और लाठीचार्ज, रबर बुलेट, आंसू गैस के गोले और सामूहिक गिरफ्तारी का सहारा लेने के लिए सरकार का कड़ा विरोध और निंदा की।
उनकी इकाइयों से आह्वान किया है कि वे पंजाब में किसानों पर हुए हमले का पूरे भारत के सभी गांवों में 16 फरवरी को जोरदार विरोध करें और पूरे भारत में ग्रामीण बंद और क्षेत्रीय हड़ताल को अधिक व्यापक और सफल बनाएं। किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अपनी वाजिब मांगों को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर लोगों के साथ दुश्मन जैसा व्यवहार न करें।
किसानों की मुख्य मांग एमएसपी का वादा भाजपा और वर्तमान प्रधानमंत्री ने 2014 के चुनावी घोषणा पत्र में किया था और 10 साल बाद भी इस वादे पर अमल नहीं हुआ। उन्होंने भारत बंद पूरी तरह से सफल बनाने की अपील की। बैठक में गुरजीत सिंह चीमा, इकबाल सिंह, जसवीर सिंह, मोहम्मद खालिद, काबुल सिंह, गुरजीत सिंह कोटिया, मंत्री मलवाई आदि ने भाग लिया।