इस बार गर्मी में नहीं सताएगी बिजली कटौती
बरेली। शहरवासियों को इस बार गर्मी में बिजली कटौती की समस्या से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। रीवैम्प योजना के तहत शहर के पांच फीडराें की 11 हजार केवी की लाइनों को बदलने का काम शुरू हो गया है।
इससे करीब 25 हजार उपभोक्ता यानी करीब सवा लाख लोगों को फायदा मिलेगा। हालांकि लाइन बदलने के कारण आधे से ज्यादा शहर में कुछ दिनों तक दिन के समय बिजली कटाैती की समस्या बनी रहेगी।
गर्मी सीजन में बिजली आपूर्ति को लेकर काफी हायतौबा होती है। शहर में करीब 45,000 से ज्यादा उपभोक्ता हैं। छह बिजली केंद्रों से शहरभर में आपूर्ति होती है। कबूलपुरा, गन्ना दफ्तार, रोजा, टाउन-1 शहवाजपुर और आवास विकास टाउन-3 फीडरों पर सबसे ज्यादा समस्या रहती है।
इन फीडर की 11 हजार केवी लाइन काफी जर्जर हो चुकी हैं। ऐसे में अक्सर लाइन क्षतिग्रस्त होने समेत अन्य समस्याओं के कारण शहर के लोगों को बिजली कटौती से जूझना पड़ता है। कर्मियों में खपत बढ़ने से उपकेंद्रों पर भार भी बढ़ जाता है।
सरकार ने बिजली व्यवस्थाओं में सुधार के लिए रीवैम्प योजना शुरू की है। इसीके तहत पांच फीडर की 11 हजार केवी की लाइनें बदलने का काम शुरू हो गया है। मार्च अंत तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद लाइनें टूटने और भार बढ़ने के कारण होने वाली बिजली कटौती बंद हो जाएगी।
नवादा 132 केवी उपकेंद्र में भी कई काम पूरे
शहर के छह बिजली उपकेंद्राें को 132 नवादा उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति होती है। जिला अस्पताल और जनपद न्यायालय को अलग लाइनों से आपूर्ति की जाती है।
इन लाइनों को बदलने का काम पहले ही पूरा कर लिया गया है। नवादा उपकेंद्र में काम पूरा होने के बाद अब 11 हजार केवी लाइनों को बदलने का काम किया जा रहा है।
इन बिजली उपकेंद्रों के फीडरों पर हो रहा काम
मीराजी चौकी बिजली उपकेंद्र के कबूलपुरा फीडर, कार्यशाला उपकेंद्र के गन्ना दफ्तर फीडर, पनबड़िया उपकेंद्र के रोजा फीडर,
कोतवाली उपकेंद्र के टाउन-1 और कार्यशाला उपकेंद्र के टाउन-3 आवास विकास फीडर की 11 हजार केवी लाइन बदलने का काम शुरू हो गया है। ऐसे में इन फीडरों से जुड़े आधे शहर में कुछ दिनों दिन के समय बिजली कटौती की जाएगी।
वर्जन-