शादी के घर में खुशियों का माहौल मातम में बदल गया।, बेटी को विदा करने से पहले पिता ने कहा अलविदा

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शादी के घर में खुशियों का माहौल मातम में बदल गया।, बेटी को विदा करने से पहले पिता ने कहा अलविदा

Thursday, February 15, 2024 | February 15, 2024 Last Updated 2024-02-15T15:00:07Z
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शादी के घर में खुशियों का माहौल मातम में बदल गया।, बेटी को विदा करने से पहले पिता ने कहा अलविदा 

रामपुर। क्षेत्र के धनौरी गांव में बुधवार को बेटी की शादी के दिन ही प्यारे लाल (65) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। शादी के घर में खुशियों का माहौल मातम में बदल गया।


हाथों में मेहंदी रचाए दुल्हन बनी ममता (20) पिता की मौत से बेसुध हो गई। पिता के अंतिम संस्कार के बाद शाम को बारात आई और शादी की रस्में हुईं। उसके बाद ममता की विदाई हुई। बुधवार को कोतवाली क्षेत्र के धनौरी गांव निवासी प्यारे लाल


 मौर्य की चार संतानों में इकलौती बेटी ममता का रिश्ता निकटवर्ती धनौरा गांव के 22 वर्षीय मुनीष पुत्र हरिचंद के साथ होना था। बुधवार को दिन में ही बारात आनी थी। घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे।


ममता सज-संवरकर दुल्हन बनकर तैयार थी। सुबह करीब 10 बजे ममता के पिता प्यारे लाल की हार्ट अटैक से मौत हो गई। प्यारे लाल को तीन साल पहले लकवा मार गया था। तब से वह बिस्तर पर लेटे रहते थे। उसके पहले वह खेती करते थे।

प्यारेलाल के निधन से खुशियों के गीत जगह चीख-पुकार को शोर सुनाई देने लगा। दुल्हन बनी ममता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। प्यारे लाल के निधन की जानकारी मिलने पर वर पक्ष के


 लोग भी पहुंच गए। ममता के बड़े भाई नेतराम समेत अन्य परिजन को ढांढस बंधाया और अंतिम संस्कार कराया। शाम को बिना बैंडबाजे के सादगी से बारात आई और शादी की रस्में अदा की गईं। देर शाम ममता को विदा कर दिया गया।

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आठ साल पहले मां का हो चुका है निधन
ममता अपने तीन भाइयों की इकलौती बहन है। ममता की मां शकुंतला का करीब आठ साल पहले निधन हो चुका है। उसके बाद तीन साल पहले ममता के पिता को लकवा मार गया था।


 पिता को चिंता थी कि उनके जीते जी ममता का घर बस जाए। वह घड़ी बुधवार को आई भी लेकिन बेटी को विदा करने से पहले ही प्यारे लाल दुनिया को अलविदा कह गए। वह अपनी इकलौती बेटी की विदाई भी न कर सके।

ममता की विदाई में भर आईं सभी की आंखें
पिता प्यारे लाल के अंतिम संस्कार के बाद बेटी ममता की विदाई हुई तो परिवार सहित गांववासियों की आंखों में आंसू थे।


ममता की शादी के लिए गांव के मंदिर परिसर में भव्य पंडाल बनाया गया था। डीजे की व्यवस्था थी लेकिन प्यारे लाल की मौत के बाद सारे इंतजाम धरे रह गए। सादगी के साथ बरात आई और शादी की रस्में हुईं।


 ममता विदाई के समय भाई नेतराम, हरीश व विक्रम और सभी ग्रामीणों की आंखें नम थीं। बिन मां की ममता को विदाई के समय पिता का भी आशीर्वाद नसीब नहीं हुआ।


 ग्राम प्रधान पति राजेश कुमार मौर्य समेत गांव के लोग शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए शादी के मंडप में मौजूद रहे।
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