संभल। हयातनगर क्षेत्र के गांव धतरा में तेंदुए को देखे जाने से लेकर जाल में फंसाने तक का घटनाक्रम

Notification

×

All labels

All Category

All labels

संभल। हयातनगर क्षेत्र के गांव धतरा में तेंदुए को देखे जाने से लेकर जाल में फंसाने तक का घटनाक्रम

Thursday, February 22, 2024 | February 22, 2024 Last Updated 2024-02-23T03:15:41Z
    Share
संभल। हयातनगर क्षेत्र के गांव धतरा में तेंदुए को देखे जाने से लेकर जाल में फंसाने तक का घटनाक्रम

संभल। हयातनगर क्षेत्र के गांव धतरा में तेंदुए को देखे जाने से लेकर जाल में फंसाने तक का घटनाक्रम लगभग साढ़े छह घंटे चला। इस दौरान न तेंदुए ने इंसानों को नुकसान पहुंचाया और न ही ग्रामीणों के बीच से उस पर हमले की कोई कोशिश हुई।

हुआ उल्टा, जो टीम रेस्क्यू के लिए आई वो खुद पर काबू नहीं रख सकी। जाल में तेंदुए के कैद होते ही वन और पुलिसकर्मियों ने वो किया जो जंगल में भी नहीं होता। तीन चारपाइयां उल्टी करके बिछा दीं। उनके ऊपर खड़े होकर जाल में घिरे तेंदुए को करीब 45 मिनट बुरी तरह कुचला गया।


ग्रामीणों ने बताया कि जाल में बंद होने के बाद भी तेंदुए के गुर्राने और तेवर दिखाने पर किसी ने सुझाव दिया कि उसे बेहोश कर दिया जाए। इस सुझाव पर वन विभाग के विशेषज्ञ या पशु चिकित्सक नहीं बुलाए गए बल्कि रेस्क्यू टीम ने एक ग्रामीण से भैंस को बेहोश करने वाला इंजेक्शन लाकर लगाने के लिए कह दिया।

इस बीच तेंदुए को काबू करने के लिए उसके जाल पर चारपाइयों का जाल बिछाकर दबाव बनाया जाने लगा। इस पर भी बात नहीं बनी तो उल्टी बिछी चारपाइयों पर चढ़कर तेंदुए को पैरों से दबाना शुरू कर दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि करीब 45 मिनट तक तेंदुए के साथ इसी तरह की बेरहमी की गई। इस दृश्य की एक वीडियो भी वायरल हो रही है। इसके बाद तेंदुए की छटपटाहट थम गई तो उसे बेहोश बताकर मुरादाबाद ले जाया गया। कहा गया कि उपचार के बाद जंगल में छोड़ दिया जाएगा लेकिन मुरादाबाद में उसके मरने की जानकारी दी गई। कहा गया कि सदमे से वह रास्ते में मर गया।
CLOSE ADS
CLOSE ADS
close