पौराणिक 5000 बर्ष से महाभारत कालीन इतिहास समेटे भमरौऑ महादेव मंदिर को ऐतिहासिक राष्ट्रीय पर्यटन स्थल को स्थापित कराने व आर्थिक रूप से पिछड़ रहे जनपद रामपुर को विकसित कराने के उद्देश्य से श्री पातालेश्वर शिवालय सेवा ट्रस्ट भमरौऑ की तरफ से उपजिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन दिया गया।
इस अवसर पर मंदिर कमेटी के प्रमुख सेवादार संदीप अग्रवाल सोनी ने बताया कि पौराणिक काल महाभारत के समय से भमरौऑ महादेव मंदिर का इतिहास रहा है इसका जिक्र 550 वर्ष पुराने अभिलेखों में भी मिला है। इसलिए इस स्थल को ऐतिहासिक राष्ट्रीय पर्यटन स्थल विकसित कराने में भमरौऑ महादेव मंदिर से जुड़ी 40 बीघा भूमि को मंदिर में शामिल किया जाना अति आवश्यक हो गया है।
साथ ही बताया कि मंदिर की भूमि पर असामाजिक तत्वों द्वारा 544, 574 नंबर भूमि पर अवैध कब्जा व निर्माण करा दिया गया है साथ ही मंदिर भूमि 574 को असमाजिक तत्वों द्वारा हेराफेरी कराकर धोखाधड़ी करके अवैध रूप से विक्रय करा दिया गया है। इस कारण सभी शिव भक्तों में भारी रोष व्याप्त हो गया है। इसलिए
535,538,539,540,542,575,576,577,586 सहित खलिहान भूमि को भी मंदिर में शामिल कराया जाना अति आवश्यक व अनिवार्य हो गया है चूंकि मेला शिवरात्रि की भूमि मंदिर में शामिल न होने से महाशिवरात्रि व प्रत्येक सोमवार को आने वाले लगभग 25 हजार शिव भक्तों को व श्रावण मास में आने वाले सभी शिव भक्तों एवं कांवडियों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
लगातार अनुरोध के बाबजूद भी मंदिर भूमि से अवैध अतिक्रमण ध्वस्त न होने से जनपद रामपुर के शिव भक्त अत्यधिक आक्रोशित हैं व अपने भगवान भोलेनाथ की सेवा करने व ऐतिहासिक राष्ट्रीय पर्यटन स्थल विकसित कराने हेतु मर-मिटने व जान देने को तैयार हैं
लेकिन इस पर भी तहसील टीम द्वारा भमरौऑ महादेव मंदिर को राष्ट्रीय पर्यटन स्थल विकसित कराने हेतु कोई भी रुचि नहीं ली जा रही है। जिससे लाखों शिव भक्तों में अत्यधिक रोष व्याप्त है व साथ ही तहसील टीम की ओर से नकारात्मक रुख व सुस्ती से जनपद रामपुर के विकास एवं पर्यटन स्थल केंद्र न बनने से जनपद रामपुर आर्थिक विकास से लगातार पिछड़ रहा है।
इस अवसर पर श्री पातालेश्वर शिवालय सेवा ट्रस्ट भमरौऑ की तरफ़ से मांग की गई कि जनहित में, रामपुर विकास हित व राष्ट्रीय पर्यटन हित में अतिशीघ्र मंदिर बाउंड्रीवाल से बाहर 40 बीघा भूमि मंदिर बाउंड्रीवाल के अंदर शामिल किया जाना अति आवश्यक है।