रमजान के लिए तैयार हुआ बाजार, खजला-फेनी उत्तराखंड में भी होगी सप्लाई

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रमजान के लिए तैयार हुआ बाजार, खजला-फेनी उत्तराखंड में भी होगी सप्लाई

Monday, March 11, 2024 | March 11, 2024 Last Updated 2024-03-11T07:46:12Z
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रमजान के लिए तैयार हुआ बाजार, खजला-फेनी उत्तराखंड में भी होगी सप्लाई

संवाददाता* मुस्कान अंसारी 

*रामपुर*/स्वार। मुस्लिमों का पवित्र और मुकद्दस रमजान का महीना मंगलवार से शुरू हो सकता है। सोमवार को चांद दिखा तो कल से पहला रोजा होगा। चांद न दिखने की सूरत में बुधवार 13 मार्च से पहला रोजा होगा।


पूरे महीने रोजे रख इबादत होगी, इस पाक महीने के लिए बाजार भी तैयार है।फलों के साथ सहरी के लिए फेनी और खजले का स्टॉक शुरू हो गया है। जबकि रामपुर से फेनी और खजला उत्तराखंड भी सप्लाई होगा। व

हीं रोजे के इफ्तार के लिए अलग-अलग तरह की खजूर बाजार में आ चुकी हैं। 70 रुपये से 1200 रुपये किग्रा कीमत की खजूर बाजार में उपलब्ध है।

शहर और देहात में रमजान की तैयारी शुरू हो चुकी हैं। नवाबगेट रामपुर में खजला और फेनी तैयार कर रहे नूर अहमद ने बताया कि 140 रुपये से 180 रुपये प्रति किलो तक का रेट है। रिफाइंड तेल महंगा होने से पिछले सालों के मुकाबले 20 से 30 रुपये ज्यादा रेट है। रामपुर से फेनी और खजला उत्तराखंड भी सप्लाई होता है।




100 से 12 सौ रुपये किग्रा की खजूूर बाजार में है उपलब्ध
रमजान महीने में फल और अन्य सामान महंगे
फल फ्रूट्स के साथ खजूर सहित अनेक फलों का बाजार गुलजार है। रमजान शुरू होने से पहले ही इनकी कीमतों में भी इजाफा देखा जा रहा है। रोजेदारों की पहली पसंद कीमिया खजूर है। नबी करीम ने इफ्तार के लिए सबसे पहली पसंद खजूर को बताया है। इसलिए तमाम रोजेदार आम तौर पर खजूर से ही अपना रोजा खोलते हैं।




 दुबई व मदीना से आयात होने वाली अच्छी क्वालिटी अंबर खजूर की आजादपुर मंडी दिल्ली में थोक कीमत 1200 रुपये किलो है। इसके बाद मगरूम खजूर है। यह भी दुबई और मदीना से दिल्ली मंडी पहुंचती है। इस बार इसका थोक भाव 980 प्रति किलो है जबकि गत वर्ष 580 था।



अजुआ खजूर का मंडी रेट 1200 रुपये किलो है जबकि पिछली बार 1000 प्रति किलो रहा था। पिछले रमजान में इसका भाव 85 रुपये किलो था। रोजेदारों को ईरान की खजूर भी पसंद है। जिसका अभी थोक भाव 78 रुपये प्रति किलो है।

रमजान शुरू होने से पहले दिल्ली की आजादपुर मंडी से रेट में उछाल आया है। इसका असर रोजेदारों की जेब पर पड़ना तय है। हर क्वालिटी की खजूर इस बार 10 रुपये से लेकर 50 रुपये तक महंगी रहने की उम्मीद है। - सिराज मियां, फल विक्रेता, स्वार
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रमजान में रोजेदारों की खास पसंद खजला और फेनी हैं। इनके बगैर सहरी अधूरी या फीकी समझी जाती है। इस बार इसके भाव में तेजी नहीं आई है। फेनी का थोक भाव पिछले साल भी 90 रुपये प्रति किलो था इस बार भी यही है। - नजर हुसैन उर्फ छोटे अंसारी, थोक विक्रेता, स्वार

13 घंटे 20 मिनट का होगा रोजा, बरतें अहतियात
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वार/रामपुर। मुकद्दस रमजान का महीना शुरू हो रहा है। इस महीने को लेकर मुस्लिम समुदाय में उत्साह है। इस बार पहला रोजा सबसे कम 13 घंटे 20 मिनट का होगा जबकि आखिरी रोजा सबसे ज्यादा 14 घंटे 12 मिनट का रहेगा। उलमा का कहना है कि रोजे में इबादत पर ज्यादा जोर दें, शरीर को तकलीफ देने वाले कामों से बचें।

 बालिग लड़के और लड़कियों से लेकर सभी उम्र के लोगों पर रोजा रखना फर्ज होता है। जबकि रोजा इस्लाम के पांच बुनियादी फर्ज में एक रोजा भी है। जो हर मुसलमान पर फर्ज किया गया है। मुसलमानों के लिए रमजान का महीना बहुत ही पाक (पवित्र) माना जाता है।


इसलिए मुस्लिम लोग रमजान के पूरे महीने रोजा रखते हैं, जकात देते हैं और पांचों वक्त की नमाज अदा करते हैं। रमजान के महीने में अल्लाह की इबादत करने का 70 गुना ज्यादा सवाब मिलता है।

स्वार नगर निवासी मौलवी फैजान अहमद नईमी ने बताया कि वैसे तो नमाज सभी मुसलमान पर फर्ज है लेकिन रमजान में नमाज पाबंदी से अदा करें और कुरान खूब पढ़ें। मौलवी फैजान बताते हैं


कि इस मुकद्दस माह में ईशा की फर्ज नमाज के बाद तरावीह की नमाज में कुरान पाक एक बार सुनना या पढ़ना सुन्नत है। बताते हैं कि एक रोजे की पूरी एक तरावीह (20) रकअत अदा की जाए। वहीं उन्होंने कहा कि रोजा रखने के लिए सहरी खाना सुन्नत है। इस लिए सहरी हरगिज न छोड़ें।
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