अद्भुत है विजयनगला सिद्ध बाबा धाम,रोतो को हँसा देते हैं गुरुदेव संदेश गिरी
बरेली मे यूँ तो बहुत से ऐसे धाम हैं जहाँ पर लोगो को धर्म के नाम पर और आस्था के नाम पर भक्तो को भक्ति का चोला पहन कर जेब खाली करवा ली जाती हैं
बरेली के आंवला के गांव विजयनगला मे ही एक ऐसा धाम भी है जहाँ लोगो को उनकी जेब से नहीं उनकी परेशानी से जोड़ा जाता है
जहाँ पर ना हिन्दू अलग है
न मुस्लिम, न ईसाई अलग है न सिख यहां पे सबको उनकी विपदा के साथ जोड़ के देखा जाता है, यहां न छोटा न बड़ा, न अमीर न गरीब यहां बस बाबा की के प्रति भक्तो की आस्था विश्वास होना ही काफ़ी है.
यहां पर 221 साल पुराना बरगद का पेड़ है जिसकी छाया मे बाबा की समाधि है जहाँ पर दुखी का माथा टेकना ही दुखी का दुख दूर कर देता है यहां पर लोग लोग दूर दूर से बाबा की शरण मे अपनी परेशानी और दुख लेकर रोते हुए आते हैं और हँसते हुए जाते हुए देखा है
तभी तो भक्त यहां पर सोनीपत,पानीपत,हरियाणा, दिल्ली, गाजियाबाद और विभिन्न स्थानों से अपनी मन्नत लेकर आते हैं और अपनी खाली झोली भरकर जाते हैं यहां पर सबसे विशेष बात यह है
कि यहां पर सर्वधर्म को सम्मान दिया जाता है यहां बाबा गोरखनाथ, बाबा भोलेनाथ, संत रविदास और माँ कालिका की भी प्रतिमा है