रामपुर सीट पर सभी की निगाहें, इस सीट पर कम मतदान होने से कांटे की मुकाबले की संभावना

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रामपुर सीट पर सभी की निगाहें, इस सीट पर कम मतदान होने से कांटे की मुकाबले की संभावना

Saturday, April 20, 2024 | April 20, 2024 Last Updated 2024-04-20T11:31:52Z
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रामपुर सीट पर सभी की निगाहें, इस सीट पर कम मतदान होने से कांटे की मुकाबले की संभावना

*संवाददाता* मुस्कान अंसारी 

*रामपुर* सीट पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं। इस सीट पर कम मतदान होने से कांटे की मुकाबले की संभावना बढ़ गई है।

जिले के पांचों विधानसभा सीटों के ग्रामीण इलाकों के मतदाताओं ने ज्यादा रुचि दिखाई। वोटों के ध्रुवीकरण से भाजपा और सपा के बीच सीधा मुकाबला होने के आसार नजर आ रहे हैं। बसपा ने अपने परंपरागत दलित वोट लेने में कामयाबी हासिल की है।




पहले चरण के लोकसभा चुनाव में रामपुर सीट पर प्रदेश भर की नजरें टिकी थीं। ऐसे में कम मतदान प्रतिशत ने सभी को चौंकाया जरूर है, लेकिन अब कांटे के मुकाबले की संभावना भी बढ़ गई है।


रामपुर लोकसभा सीट के लिए जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं ने खूब रुचि दिखाई। शहर विधानसभा सीट पर सबसे कम 44.87 प्रतिशत और स्वार सीट पर सबसे ज्यादा 60.43 प्रतिशत मतदान रहा, जबकि बिलासपुर, चमरौआ, मिलक में 55 प्रतिशत से ऊपर मतदान रहा है।


सभी विधानसभाओं में वोटों के ध्रुवीकरण से भाजपा और सपा के बीच सीधा मुकाबला होने के आसार नजर आ रहे हैं। बसपा ने अपने परंपरागत दलित वोट लेने में कामयाबी हासिल की है,


 लेकिन उसमें भाजपा ने भी सेंधमारी की है। कुछ दलित मतदाता साइकिल पर भी सवार हुए हैं। ऐसे में रामपुर सीट का मुकाबला दिलचस्प होने वाला है।

स्वार विधानसभा क्षेत्र (60.43) 
स्वार विधानसभा सीट पर 3,11,390 में से 1,88,170 मत पड़े हैं। यहां अल्पसख्यंकों ने साइकिल की खूब सवारी की। इस सीट पर अंसारी और अन्य मतदाताओं ने साइकिल की रफ्तार को बढ़ाया।


हालांकि, अपना दल के विधायक शफीक अंसारी के प्रभाव से अल्पसंख्यकों ने कमल भी खिलाया। वहीं पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं ने कमल में दिलचस्पी दिखाई। दलित मतदाताओं ने बसपा के साथ भाजपा का भी साथ दिया।
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