जगलर का ईनामी भतीजा

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जगलर का ईनामी भतीजा

Sunday, April 21, 2024 | April 21, 2024 Last Updated 2024-04-21T13:41:34Z
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जगलर का ईनामी भतीजा

एटा-पुलिस इधर उधर तलाश में रहती हैं , लेकिन कभी अपने आसपास नही देखती है, कोतवाली नगर पुलिस ने आनन फानन में 307 के अपराधी पर पच्चीस हजार रुपए का ईनाम घोषित कर दिया है, लेकिन इनाम से पहले जगलर को अपराधी की मां जो सहअभियुक्त है,



जगलर की जुगाड कही जाती है, जगलर खुद रिश्र्ते में भाभी कह कलेजे से लगाता है,जिसका चश्मदीद गवाह मैं स्वयं हूं, अगर जगलर इस बात को झुठला दें, तो मैं महिला के प्रेमी गैस्टहाउस मालिक इस की जानकारी रखता है,


आप को बताते चले जगलर के नाजायज रिश्ते कब पनपने लगे, यह बात उन दिनो की है, जब जगलर जबानी पर था, और पोखपाल धीमर भी जमानी पर था,उस समय बदमाशी के दोर का झंडा बुलंद करने में जय वीरू की भूमिका में जगलर और पोखपाल उर्फ पोला धीमर जाने जाते थे,


पोला उस्ताद के नाम से मशहूर हुआ और पथवारी मन्दिर में एक छोटी सी कुठरिया हुआ करती थी जिसमें पुजारी को जड़ से खत्म कर खुद पुजारी बन गया था, फिर क्या था, धीमे-धीमे विकास हुआ चमत्कार में मन्दिर विशाल रूप में सुमार है,


 लगभग दस से पंद्रह दुकान मैं पगड़ी तथा किराए के साथ आना शुरू हुआ है,इतने बड़े बिशाल पैमाने पर कुछ लोग लगे है, मन्दिर उनके जुगलबंदी में आ जाए,
लेकिन जिला प्रशासन ध्यान केंद्रित करें

जगलर की जन्म कुंडली खंगाले तो बहुत कुछ सीखने को मिल जाएगा,क्यूंकि जगलर मामूली आतिशबाज नही है, पूरे का पूरा ऊनी बम्ब है, मन्दिर को जनता मन्दिर की भांति तहसील के अधीन कर देना चाहिए,


 जिससे इस पर गढ़ी आंख बंद की बंद रहे और जिला प्रशासन को लाख रुपए मासिक दुकानों का किरयदारी आना शुरू हो, क्या कि मन्दिर के नाम जगलर एक ट्रस्ट वनवा चुका है,इस ट्रस्ट को कुछ षडयंत्र कारी अपने आगोश में लिए है, फिलहाल दूध का दूध पानी का पानी हो गया है
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