राष्ट्रधर्म की रक्षा को 'पहला मतदान मेरा' का लें संकल्प: सम्भव जैन

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राष्ट्रधर्म की रक्षा को 'पहला मतदान मेरा' का लें संकल्प: सम्भव जैन

Friday, April 12, 2024 | April 12, 2024 Last Updated 2024-04-13T04:07:44Z
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गुन्नौर सम्भल।


राष्ट्रधर्म की रक्षा को 'पहला मतदान मेरा' का लें संकल्प: सम्भव जैन


गुन्नौर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गुन्नौर शाखा के तत्वावधान में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ हुए नववर्ष उत्सव का आयोजन कर राष्ट्र धर्म की रक्षा तथा जीवन मूल्यों की पुन: प्रतिष्ठा का संकल्प कराया।


गुन्नौर के मोहल्ला सराय में स्थित सीताराम मंदिर पर आरएसएस की सरदार भगत सिंह शाखा गुन्नौर द्वारा वर्ष प्रतिपदा कार्यक्रम का आयोजन हर्ष उल्लास के साथ किया गया, इस अवसर पर आरएसएस के सह जिला कार्यवाह सम्भव जैन ने कहा कि नया वर्ष नयी भावनाएं,


नयी अभिलाषाएं, नयी आकांक्षाएं लेकर आता है, इस वर्ष वर्ष के प्रारंभ में ही हमारे समक्ष देश हित में मतदान करने का समय है, ऐसे में राष्ट्र धर्म की रक्षार्थ सभी लोग शत प्रतिशत मतदान का संकल्प लें।

मतदान दिवस पर मतदान शुरू होते ही ‘पहला मतदान मेरा’, इसकी प्रतिस्पर्धा कर शत प्रतिशत वोट द्वारा राष्ट्र-धर्म को समर्पित लोगों को संसद में पहुंचाने के अपने राष्ट्रीय कर्तव्य का पवित्र व समर्पित मन से प्रयास करें। उन्होंने कहा कि ने यह सम्वत अत्यंत महत्वपूर्ण इसलिए भी है,


क्योंकि यह पहला नव वर्ष है जब अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य और दिव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद मनाया जा रहा है। इतना हर्ष-उल्लास, उमंग और आनंद शायद कभी हमने कल्पना भी नहीं की थी।


इस आनंद, उत्साह और उमंग में हमें खोना नहीं, अपितु हिन्दू मन में कुछ बोना है. आज ही से संकल्पित होकर हमें राष्ट्र धर्म की रक्षा तथा हिन्दू जीवन मूल्यों की पुन: प्रतिष्ठा हेतु हर घर में संस्कार, हर मंदिर में सत्संग और प्रतिदिन यज्ञ,


योग, ध्यान व प्राणायाम के साथ परिवार प्रबोधन पर भी ध्यान देना होगा। कहा कि हमें पवन पुत्र हनुमान जी के गुणों को धारण करना होगा. वे कभी भी अपने गुणों का बखान नहीं करते थे, उनके अंदर जितना बल था,


उतना शील भी था, शत्रु की पहचान कर लक्ष्य की साधना में सतत सक्रिय रहकर अपनी सफलता का श्रेय दूसरों को देने जैसे गुणों को हमें आत्मसात करना होगा।


कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आचार्य अमित महाराज ने कहा कि हम सबको सनातन संस्कृति के प्रत्येक पर्व को पूरे उत्साह के साथ में बनाना चाहिए।


इस प्रकार के आयोजन सभी स्थानों पर अवश्य हो जिससे कि लोगों को अपनी सनातन संस्कृति के बारे में विस्तार से जानकारी मिल सके। इस अवसर पर मंदिर के प्रबंधक देवदत्त शर्मा, नेक सिंह कुशवाहा, रामबाबू, अनिल कुमार आदि उपस्थित रहे।
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