सम्भल।
वाहनों की प्रदूषण जांच में नहीं हो सकेगा खेल।
जनपद सम्भल।
वाहनों के प्रदूषण के जांच प्रमाण पत्र बनवाने में अब फर्जीवाड़ा बिल्कुल नहीं चलेगा। शासन ने प्रदूषण जांच के लिए पोर्टल को अपग्रेड कर दिया है। 15 अप्रैल से नए पोर्टल पीयूसीसी वर्जन 2.0 से वाहनाें के प्रदूषण की जांच होगी। प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वाहन को प्रदूषण जांच केंद्र पर ले जाना पड़ेगा।
वाहनों का प्रदूषण जांचने के लिए जिले में परिवहन विभाग से अधिकृत 12 जांच केंद्र चल रहे हैं। एआरटीओ प्रशासन डॉ. पीके सरोज ने बताया कि वाहन प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कुछ लोग फर्जीवाड़ा कर रहे थे।
इसमें जांच केंद्र पर बिना वाहन ले जाए ही प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता था, लेकिन अब कोई फर्जीवाड़ा नहीं कर सकेगा। इसके लिए शासन ने पोर्टल को अपग्रेड कर नया पोर्टल पीयूसीसी 2.0 बनाया है।
अब मोबाइल फोन के माध्यम से प्रदूषण जांच करके प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। पहले प्रदूषण जांच केंद्र पर लगे कैमरे से फोटो खींचकर या आए बगैर ही प्रमाण पत्र जारी करने की शिकायत के बाद परिवहन विभाग ने सुरक्षा से लैस नया पोर्टल बनाया है।
नए पोर्टल पर पीयूसीसी 2.0 की टेस्टिंग की जा चुकी है और लखनऊ में कई प्रदूषण जांच केंद्रों पर पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा चुका है।
इसके सफल रहने पर अब इसे पूरे प्रदेश में 15 अप्रैल से लागू किया गया है। खास बात यह है कि एक सेंटर के लिए यह वर्जन तीन मोबाइल में प्रयोग किया जा सकेगा। मोबाइल व प्रदूषण जांच केंद्र की 30 मीटर परिधि में ही प्रयोग होगा।
एआरटीओ ने जिले के सभी प्रदूषण जांच केंद्र के संचालकों को निर्देश दिए है कि 15 अप्रैल से पीयूसीसी वर्जन 2.0 पोर्टल का ही इस्तेमाल करें। यदि किसी जांच केंद्र पर नए पोर्टल का इस्तेमाल नहीं किया जाता
तो उसके प्रदूषण जांच केंद्र को निरस्त करते हुए कार्रवाई की जाएगी।जिले में नए पोर्टल पीयूसीसी वर्जन 2.0 से वाहनों की प्रदूषण जांच शुरू कराई गई है।
15 अप्रैल से इस पर सख्ती होगी। सभी प्रदूषण जांच केंद्र के संचालकों को निर्देश दिए है कि 15 अप्रैल से पीयूसीसी वर्जन 2.0 पोर्टल का ही इस्तेमाल करें।