EVM पर क्यों उठाए जाते हैं इतने सवाल जानिए क्या बोलते हैं,, बरेली के मतदाता

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EVM पर क्यों उठाए जाते हैं इतने सवाल जानिए क्या बोलते हैं,, बरेली के मतदाता

Friday, April 12, 2024 | April 12, 2024 Last Updated 2024-04-13T06:26:48Z
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EVM पर क्यों उठाए जाते हैं इतने सवाल जानिए क्या बोलते हैं,, बरेली के मतदाता

  जनपद बरेली नेशनल 24 लाइव न्यूज़ एवं से चुनाव कराने की शुरुआत विश्व के कई देशों में हुई थी लेकिन अब तमाम देशों ने इस पर लोग लगा दी है और अब वहां पर डायरेक्ट वैलट पेपर से ही मतदान कराया जा रहा है ,


भारत में कई राजनीतिक दल लंबे समय से एवं हटाने की मांग कर रहे हैं। परंतु इसके बावजूद ज्यादातर लोगों को एवं पर पूरा भरोसा है लोगों का कहना है


 कि ईवीएम पर दोषारोपण हार छुपाने का एक बहाना होता है, अब तक यह साबित नहीं हो सका की ई वी एम के जरिए सत्ताधारी धन चुनाव में बेईमानी कर सकते हैं।।
 
 प्रत्येक राजनीतिक दल प्रत्येक चुनाव में एक दूसरे पर आरोप लगाते हैं इसी आरोप प्रत्यारोप में एवं भी उनके बीच मुद्दा बन जाती है


कई वर्षों से हर चुनाव के बाद एवं को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है ईवीएम में खोट साबित करने से सामने वाली की जीत खोटी साबित की जा सकती है।।
               अमन गुप्ता गोपाल नगर बरेली।

जब कोई राजनीतिक दल चुनाव हार जाता है तो उसे कहना चाहिए होता है जीतने वाला राजनीतिक दल का प्रत्याशी कभी भी कोई सवाल नहीं उठाता और इसी वजह से आरोप लगाए


 जाते हैं, ताकि उस निकले हुए नतीजे को असल जनमत के खिलाफ बताया जा सके अब यह प्रवृत्ति यह सभी राजनीतिक दलों की बन चुकी है 
       अभिषेक कुमार गुप्ता संजय नगर बरेली।

  किसी भी चुनाव को निष्पक्ष ढंग से करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग बहुत कुछ तरीके अपनाता है इसमें सभी दलों की सहमति ली जाती है फिर भी नतीजा जिसके खिलाफ जाता है,


भाई एवं पर ही सवाल उठता है। मुझे एवं पर पूरा भरोसा है राजनीतिक दलों की बहाने बाजी पर कोई एतबार नहीं है ।।
     आयुष गुप्ता दुर्गा नगर बरेली।

ईवीएम को दूसरे कई देशों ने अपनी चुनाव प्रक्रिया से बाहर कर दिया है इसी वजह से भारत में भी उसे पर सवाल उठाए जाने लगे हैं हालांकि इसकी तकनीकी पर निर्वाचन आयोग की तरफ से कई बार सफाई दी जा चुकी है


लेकिन फिर भी चुनाव आते ही राजनीतिक दल कई कणों से उसे पर सवाल उठाते हैं अभी हाल में ही है फैसला दिया है की बीवी पेट और मशीन की पर्ची का मिलान कराया जाए इसमें देखा जाएगा की जितनी पर्ची है


उतना वोट पड़ा भी है या नहीं इसका नतीजा क्या निकलता है ,अभी इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता क्योंकि मामला सुप्रीम कोर्ट के अधीन है ।।
     डॉक्टर दिनेश प्रताप असिस्टेंट प्रोफेसर बरेली कॉलेज बरेली।
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