संवाददाता सुमित कुमार
डॉक्टर बनकर एएनएम चलाती मिली अस्पताल
वजीरगंज। विद्युत निगम के एसएसओ के साथ मारपीट करने वाली महिला का अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था। इतना हीं नहीं अस्पताल संचालिका खुद डॉक्टर भी नहीं,
केवल एएनएम है। नाम के आगे बीएमएस लिखकर लोगों के साथ धोखा कर रहीं थीं। प्रभारी चिकित्सक वजीरगंज और सैदपुर ने उसके अस्पताल में जाकर छानबीन की
और उसकी रिपोर्ट बनाकर सीएमओ को भेजी। इसमें महिला का अस्पताल सील हो सकता है।
डॉक्टर बनकर एएनएम चलाती मिली अस्पताल, वजीरगंज कस्बे में चल रहा निजी अस्पताल। संवाद
वजीरगंज। विद्युत निगम के एसएसओ के साथ मारपीट करने वाली महिला का अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था। इतना हीं नहीं अस्पताल संचालिका खुद डॉक्टर भी नहीं, केवल एएनएम है।
नाम के आगे बीएमएस लिखकर लोगों के साथ धोखा कर रहीं थीं। प्रभारी चिकित्सक वजीरगंज और सैदपुर ने उसके अस्पताल में जाकर छानबीन की और उसकी रिपोर्ट बनाकर सीएमओ को भेजी। इसमें महिला का अस्पताल सील हो सकता है।
कस्बे की शिव धाम कॉलोनी में 21 मई को विद्युत निगम की टीम चेकिंग करने पहुंची थी। इस दौरान टीम ने निजी अस्पताल साधना जच्चा-बच्चा हेल्थ केयर में जाकर
भी चेकिंग की थी, लेकिन उस दौरान निजी अस्पताल की संचालिका साधना ने एसएसओ प्रमोद कुमार को दरवाजा बंद करके पीटा था। उस वक्त बाहर खड़े कर्मचारियों ने महिला की वीडियो बना ली थी,
जिसके आधार पर पुलिस ने महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। यह मामला काफी चर्चित रहा था। अभी थाना पुलिस इस मामले की विवेचना कर रही है।
इस मामले को लेकर वजीरगंज स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक डॉ. राजकुमार और सैदपुर स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी
चिकित्सक डॉ. जुनैद ने महिला के अस्पताल में जाकर छानबीन की। दोनों प्रभारी चिकित्सकों को देखकर महिला सकपका गई। अधिकारियों ने उससे अस्पताल चलाने का रजिस्ट्रेशन मांगा, जो वह नहीं दिखा सकी। वह अपनी डिग्री भी नहीं दिखा सकी।
डॉ. राजकुमार के मुताबिक, महिला बिना रजिस्ट्रेशन के ही अपना अस्पताल चला रही थी। वह एएनएम का कोर्स किए हुए है।