एटा पुलिस के अथक प्रयास एवं परिश्रम से मुल्जिमानों को आजीवन कारावास
FTC कोर्ट नम्बर 2 में एटा पुलिस के अथक प्रयास एवं शासकीय अधिवक्ता कुसुम तोमर एवं मीनाक्षी सक्सेना की कड़ी मेहनत के पश्चात हत्या के आरोपियों को आजीवन कारावास तथा पंचास हजार रुपए प्रत्येक मुल्जिमान अर्थदंड की सजा दिलाई गई
एटा - थाना सकीट में सन् 2022 को लिखत तहरीर दी, जिसमें पुलिस ने अभियोग अ0प0स0168/2022 धारा -147,148,302,149 भा0दि0स0 में दर्ज किया विवेचना में विवेचक ने आरोपी का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया, न्यायालय में सुधीर आदि के नाम से फाइल संख्या
646/2023 में एटा पुलिस के अथक प्रयासों एवं परिश्रम से अभियोजन में गवाही करा कर तेजतर्रार न्यायाधीश सुधा की अदालत FTC कोर्ट नम्बर 2 में एटा पुलिस के अथक प्रयास एवं शासकीय अधिवक्ता कुसुम तोमर एवं मीनाक्षी सक्सेना की कड़ी मेहनत के पश्चात हत्या के आरोपियों को आजीवन कारावास तथा पचास -पचास हजार रुपए प्रत्येक मुल्जिमान अर्थदंड एवं अर्थदंड न देने की स्थिति में एक बर्ष अतिरिक्त कारागार की सजा दिलाई गई
जिसमें न्याथालय अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय द्वितीय रहा।उपस्थित: सुधा "उच्बतर न्यायिक सेवा"। (Judicial Officer ID No:UP1864)सत्र वाद सं०ः 647 सन् उ०प्र० राज्य 2023
प्रतिनिवासीगण ग्राम कर्मचन्दपुर, थाना सकीट, जनपद एटा।
1. सुधीर पुत्र भेंवर सिंह
2.सुभाष पुत्र रतनलाल
3. विजेन्द्र पुत्र रामसनेही
4. गेच सिंह पुत्र नानकचन्द
5. रामसनेही पुत्र गोकुल
8. चरन सिंह पुत्र चुलारे
अभियुक्तगण । 147,148, 302/149 भा.द.सं. अतर्गत धारा थाना सकीट जिला एटा अ०सं० 168/2022 एवंसत्र वाद सं०ः 646 सन् उ०प्र० राज्य 2023निवासीगण ग्राम कर्मचन्दपुर, थाना ) सकीट, जनपद एटा।प्रति अभियुक्तगण । अंतर्गत धारा 147,148, व 302/149 मा.दस. थाना सकीट जिला : एटाअ०सं०: 168/2022
1. चंदन पुत्र दुलारे
2. दिनेश चन्द्र पुत्र चरन सिंह
3. पुष्पेन्द्र पुत्र चरन सिंह
4. दुर्वेश पुत्र वीरेन्द्र
निर्णय प्रस्तुत सत्र वादों का प्रारम्भ वादी मुकदमा (पी.डब्ल्यू. 1) अजय सिंह की लिखित तहरीर प्रदर्श क-1 के आधार पर, अभियुक्तगण सुधीर, सुभाष, चरन सिंह, चन्दन, दिनेश चन्द्र, रामसनेही, पुष्पेन्द्र, दुर्वेश, मेघ सिंह व विजेन्द्र के विरुद्ध अ.सं. 168/2022, अंतर्गत धारा 147.148.149 व 302 भा.दं.सं. थाना सकीट, जनपद एटा पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किये जाने एवं बाद विवेचना विवेचक द्वारा अभियुक्तगण सुधीर, सुभाष विजेन्द्र, मेघ सिंह, रामसनेही व चरन 1 चन्दन पुत्र दुलारे 147 148 140302 मादल प्रेरित किये जाने पर हुआ है जिसका विचारणइस 22.11.23 के अनुकम में विचिनुरूप किया जा रहा है।
संक्षेप में अभियोजन कथानक इस प्रकार है कि यादी मुकदमा
कति घटना दिनांक 12.11.2002 के समय 08.30 कजे के बाबत एक लिखित तहरीर प्रहर्शक चना दिनांक की ही समय 13.10 बजे थाना सकीट जिला एढ़ा पर मो० कायस्थान सकीर के फूल सिंह वर्मा पुत्र हसराज से लिखाकर इस आशय की प्रस्तुत की कि आज दिनांक 12.11.2022 को समय करीब 08.30 बजे सुबह उसके पिता रामपाल घर से खेत पर जा रहे थे उसके पिता जैसे ही कुल्ला हबीबपुर रोड पर जाहरवीर मंदिर के पास पहुँचे वह पहले से लगाये गाँव के ही सुधीर पुत्र भेंवर सिंह सुभाष पुत्र रतनलाल चरन सिंह बन्दन रिह पुत्रगण दुलारे तथा दिनेश पुत्र चरन सिंह, रामसनेही पुत्र गोकुलपुरन सिंह दुर्वेश पुत्र वीरेन्द्र, मेघ सिंह पुत्र नानक चन्द्र व विजेन्द्र पुरानी जिनसे कुछ जमीन और चुनाव के कारण दुश्मनी थी, बैठे थे. उसके पिता को मक्कडन नागे. उत्त्तके पिता बचाय में भागे,
परन्तु कुछ दूरी पर ही उन्हें गोली मार दी और लाथी, कुल्हाड़ी से प्रहार करने लगे उसके पिता वहीं गिर गये, वह उनको पौहरे थोडी दूर पर आ रहा था, उनका (उक्त लोगों का) मंशा देख उसने पीछे आडी में छिपकर अपनी जान बचाई। वह रिपोर्ट लिखाने आया है, उसके पिता का शव अभी भीवों पर ही पड़ा है। उसकी रिपोर्ट लिखकर कानूनी कार्यवाही की जाये।
वादी द्वारा संबंधित थाना पर दी गई उक्त आशय की लिखित तहरीर प्रदर्श क-1 के आधार पर, अभियुक्तगण सुधीर, सुभाष चरन् चन्दन, दिनेश बन्द्र, रामसनेही, पुष्पेन्द्र, दुर्वेश, मेघ सिंह व विजेन्द्र के विरुद्ध घटना दिनांक 12.11.2022 को समय 13.10 बजे अ.सं. 168/2022 धारा 147, 148, 148302 भा.दं.सं. के अंतर्गत थाना सकीट पर चिक प्रथम सूचना रिपोर्ट प्रदर्श क-2 अंकित कर मुकदमा दर्ज हुआ जिसका खुलासा नकल जी०डी० से 21 दिए 12.11.2022 समय 13.10 बजे थाना सकीट एटा प्रदर्श क-3 में किया गया।
प्रस्तुत मामले की प्रारम्भिक विवेचना प्रभारी निरीक्षवा / विरोचक संजीव कुमार चौधरी व तदुपरान्त विवेचना थानाध्यक्ष अनुज चौहान द्वारा की गयी। विरोचक ने मौके पर पहुँच कर मृतक रामपाल सिंह के शव को कब्जा पुलिस में लेकर पंचान तियुक्त करते हुए, मृतक के शव का पंचनामा प्रदर्श क-5 तैयार किया तथा उससे संबंधित प्रलेख फोटो नाश प्रदर्शक चिट्ठी सी०एम० श प्रदर्श क-र. चालान लाश प्रदर्श क 8. कब्जे में ली गई मिट्टी सादा कुन बोरा कर, सय-विच्छेदन आख्या प्रदर्श क-4 तैयार की गयी, शनि समुहक के शरीर पर मृत्यु पूर्व की आग्नेयास्त्र की 12 चोटें पाई गयीं। कित्सक की राय में मृतक रामपाल की मृत्यु शय-विधान से करीब आधा दिन पूर्व मृतक के शरीर पराई हुई चोटी की वजह से हुए सदभाव आयरिश के कारण हुई थी।
विवेचक द्वारा गिरफ्तार अभियुका रामसनेही की निशानदेही पर अति पटना में प्रयुक्त जिससे मृतक रामपाल को चोट पहुँचाया जाना कला हवीय के ट्यूबल के पास सरकण्डों में छिपाकर रखा गया বিনাজ 18732022 को बरामद किया गया तथा समय वारी 08.25 बजे कब्जे में लेक एक कनके में रखकर सील सर्वे मुहर कर नमूना मुहर तैयार करके कन्न एस०आई० जोगेन्द्र सिंह से उसकी फर्द प्रदर्शक तैयार कराकर गावाही। गयावास कराई गयी, कई की नकल अभियुक्त को दी गयी अभियुक्त के हस्ताक्षर बनवाये गये तथा गिरफ्तार अभियुक्त चरन सिंह की निशानदेही पर कशित घटना में प्रयुक्त डण्डा जिससे मृतक रामपाल पर वार किया जाता बताया
उसके मकान की छत से दिनांक 07.02.2023 को बरामद किया गया तथा समय बकरीब 09.35 बजे कब्जे में लेकर व एक कपडे में रखकर सील सर्वे पुहर कत्र नमूला मुहर तैयार करके बोल बोल कर एस०आई० जोगेन्द्र सिंह से उसकी फर्व प्रदर्श क-12 तैयार कराकर गवाही गवाहान कराई गयी. फर्च की नकल अभियुक्त को दी गयी व अभियुक्त के हस्ताक्षर बनवाये गये। विवेचक ने दौरान विवेचना वादी की निशानदेही पर घटनास्थल का निरीक्षण का नक्शा नजरी प्रदर्श क-10 तैयार किया तथा वादी व अन्य समस्त गवाहान के बयानात
अंकित किये एवं बाद विवेचना अभियुक्तगण सुधीर, सुभाष विजेन्द्र, मेध सिंह, रामसनेही विरुद्ध धारा 147, 148, 149, व चरन सिंह के व 302 भा.दं.सं. वो अंतर्गत प्रथम दृष्ट्या साक्ष्य पाते हुए आरोप पत्र सं. 22/2023 प्रदर्श क-13 तदुपरान्त अभियुक्तगण चत्त्दन्न, दिनेश चन्द्र पुष्पेन्द्र य दुर्वेश के विरुद्ध धारा 147, 148, 149 व 302 भा.दस. के अंतर्गत प्रथम दृष्ट्या साक्ष्य पाते हुए आरोप पत्र सं. 22ए/2023 प्रदर्श के 14 संबंधित न्यायालय में प्रेषित किये।
तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, एटा द्वारा अभियुक्तगण सुधीर, सुभाष विजेन्द्र, मेघ सिंह, रामसनेही व चरन सिंह एवं अभियुक्तगण चन्दन, दिनेश चन्द्र पुष्पेन्द्र व दुर्वेश के मामले धारा 147 148 149 व 302 भा.द.सं. के अंतर्गत 3 अभियुक्त चरन सिंह रामसनेही विजेन्द्र बन्दन, दिनेश अधिवक्ता को सुना। एवं पत्रावली का परिशीलन किया।
अभियोजन की तरफ से तर्क प्रस्तुत किया गया कि दोषीणां अभियुक्तगण अपने त्तामान्य उद्देश्य के अग्रभाग में एकराय होकर विधिविरुद्ध अपठित कर बल्वा किया तथ्थम चादी मुकदमा अजय सिंह के पिता रामपाल का आव कुल्हाडी से प्रहार कर मृत्यु कारित की गयी है। अतः उन्हें कठोर से कठोर दिया।
दोषीगण/अभियुक्तगण की तरफ से तर्क दिया गया है कि अभियुक्तगण गरीब व्यक्ति है. दिनेश चन्द्र व पुष्पेन्द्र आपस में लगे भाई है सथा वाम सिंह व चन्दन आपस में सगे भाई है एवं रामसनेही विजेन्द्र आपस में पिता पुत्र है. उनके घर में उनके अतिरिक्त परिवार का भरण-पोषण करने कला कोई नहीं है. उन्होंने जानबूझ कर उक्त अपराध कारित नहीं किया है. अतः उन्हें कम से कम दण्ड से दण्डित करने की कृपा की जाये।
पत्रावली पर उपलब्ध अभिलेख से यह जाहिर होता है कि कथित घटना से बादी मुकदमा अजय सिंह के पिता रामपाल की लाठी व खुल्हाड़ी से प्रहार कर मृत्यु कारित की गयी है।
पत्रावली के परिशीलन से प्रकट है कि अभियुक्त मस्त सिंह जिल्ल कारागार में निरुद्ध हैं। अभियुक्तगण के आचरण एवं अपराध की प्राकृति गम्भीरता एवं समस्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए दोषीगण / अभियुक्तगण बरन सिंह, रामसनेही, विजेन्द्र, चन्दन, दिनेश चन्द्र व पुष्पेन्द्र प्रत्येक को चारा 147 भा०८०सं० के अंतर्गत दो-दो वर्ष के कारावास तथा एक-एक हजार रुपये अर्थदण्ड तथा अर्थदण्ड अदा न करने की स्थिति में एक-एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा, धारा 148 भा०८०सं० के अंतर्गत दो-दो वर्ष के कारावाल सथा एक-एक हजार रुपये अर्थदण्ड तथा अर्थदण्ड अदा करने की स्थिति में एक-एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा एवं धारा 302 सपठित धारा 149 गा०दे०स० के अन्तर्गत आजीवन कारावास तथा 50,000/- 60,000/-रुपये अर्थदण्ड से तथा अर्थदण्ड अदा न करने की स्थिति में एक-एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा से दण्डित किया जाना न्यायोचित प्रतीत होता है।
दण्डादेश
दोषीगण / अभियुक्तगण चरन सिंह, रामसनेही, विजेन्द्र, चन्दन, दिनेश चन्द्र व पुष्पेन्द्र प्रत्येक को धारा 147 भा०८०स० के अंतर्गत दो-दो वर्ष के कारावास तथा एक-एक हजार रुपये अर्थदण्ड तथा अर्थदण्ड अदा न करने की स्थिति में एक-एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा, धारा 148 भा०८०सं० के राजबाट से 647/2023 राज्य प्रतिमुधीर एवं सत्रयाद से 648/2023 राज्य प्रति बनना।
अंतर्गत दो-दो वर्ष के कारावास तथा एक-एक हजार रुपये अर्थदण्ड तया अर्थदण्ड अदा न करने की स्थिति में एक-एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा एवं धारा 302 सपठित्त धारा 149 भा०दं०सं० के अन्तर्गत आजीवन कारावास तथा 50,000/- 50.000/- रूपये अर्थदण्ड तथा अर्थदण्ड अदा न करने की स्थिति में एक-एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा से दण्डित किया जाता है। अभियुक्त चरन सिंह द्वारा जेल में बितायी गयी अवधि उक्त सजा में समाहित की जावेगी।
सभी सजायें साथ-साथ संचालित होंगी। दोषीगण न्यायिक अभिरक्षा में है। तद्नुसार सजायाबी वारण्ट निर्गत होचे। इस निर्णय की प्रजाति सम्रवाद सं० 646/23 में रखो। दोषीगण को निर्णय की प्रति अविलम्ब निःशुल्क प्रदान की जाये।
दि०:07.06.2024(सुधा)
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय-द्वितीय एटा