सपा ने छीनी भाजपा से बदायूं और आंवला सीट,
बदायूं। सपा ने बदायूं और आंवला सीट भाजपा से छीन ली है। दोनों सीटें 2019 में भाजपा के खाते में थीं। फिर से जीत दर्ज कराने के लिए भाजपा के देश-प्रदेश के नेताओं ने कई रैलियां कीं, पर मतदाता का मिजाज भांप नहीं सके।
तमाम मुद्दे छेड़े गए। स्थानीय और बाहरी के मुद्दे को बदायूं के मतदाता ने खारिज कर दिया। बदायूं में सपा के आदित्य यादव ने 501006 मत हासिल करके जीत दर्ज कराई।
भाजपा के दुर्विजय सिंह शाक्य 35269 मतों के अंतर से हार गए। दुर्विजय सिंह शाक्य को 465737 मत मिले। बसपा मुख्य मुकाबले से बाहर रही। जमानत भी नही बच सकी। आंवला में नीरज मौर्य सांसद चुने गए।
बदायूं संसदीय सीट के लिए मतगणना मंडी स्थल पर सुबह आठ बजे शुरू हुई। साढ़े नौ बजे से रुझान आने शुरू हो गए। मतगणना के 14वें चक्र तक सिर्फ दूसरा चक्र ही ऐसा रहा जिसमें सपा आगे रही। बाकी 13 चक्रों में भाजपा ने बढ़त बनाई पर 15वें चक्र से बाजी पलटना शुरू हुई।
गुन्नौर और सहसवान की यादव मुस्लिम बेल्ट के मत खुले तो सपा की लाटरी लग गई। धीरे-धीरे करके सपा ने बढ़त बनाई तो अंत तक भाजपा उसे पछाड़ नहीं पाई, जबकि बसपा पहले ही चक्र में पिछड़ गई थी और आखिरी 33वें चक्र तक तीसरे ही स्थान पर रही।
बसपा के मुस्लिम खां ने 97616 मत पाए। वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। जमानत बचाने के लिए उन्हें कुल पड़े 1091764 मतों का छठवां हिस्सा 181949 हजार से अधिक मत चाहिए थे पर उन्हें उतने मत उन्हें नहीं प्राप्त हुए।
पांच निर्दलीय और छोटे-बड़े दलों के मिलाकर कुल छह उम्मीदवार दलीय थे। इस तरह से कुल 11 उम्मीदवार मैदान थे। अबकी बार भाजपा ने सबसे ज्यादा ताकत पार्टी उम्मीदवारों के लिए झोंकी पीएम से लेकर सीएम तक आए। गृहमंत्री और उत्तराखंड तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी चुनाव प्रचार किया पर जीत नहीं दिला सके।
कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच हुई मतगणना
बदायूं। मंडी स्थल पर मतगणना के दौरान कड़ी सुरक्षा और निगरानी रही। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, आईजी डॉ. राकेश सिंह दो बार सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने डीएम से जानकारी हासिल की।
मतगणना कक्षों का भी निरीक्षण किया। मंडी स्थल के आसपास बैरियर थे। बगैर पास के किसी को उस ओर तक नहीं जाने दिया गया। जब 14वें चक्र की गणना के वक्त सपा आगे हुई और भाजपा पीछे तो कुछ देर के लिए समर्थकों में टकराव का अंदेशा पैदा हुआ, लेकिन गणना की पारदर्शी प्रक्रिया को देखते हुए सभी ने धैर्य बनाए रखा और कहीं कोई विवाद नहीं हुआ।
किसे कितने मिले मत
भाजपा: दुर्विजय सिंह शाक्य465737
सपा: आदित्य यादव501006
बसपा: मुस्लिम खां97616
स्वराज भारतीय न्याय पार्टी: सुलेमान1237
राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी: नीलम रानी पाल2424
लोग पार्टी से हरिराज सिंह908
निर्दलीय: दिनेश कुमार-2666
इशरत अली1508
राम प्रताप मौर्या1540
संदीप कुमार3828
लता यादव2563
नोटा8547