21 जुलाई को मनौना धाम मे गुरु पूर्णिमा दिवस मनाया जायेगा

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21 जुलाई को मनौना धाम मे गुरु पूर्णिमा दिवस मनाया जायेगा

Wednesday, July 17, 2024 | July 17, 2024 Last Updated 2024-07-17T14:41:05Z
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देवशयनी एकादशी व्रत रखने से श्याम भक्तो को सभी प्रकार के सुख प्राप्त होते है - महंत जी महाराज 

21 जुलाई को मनौना धाम मे गुरु पूर्णिमा दिवस मनाया जायेगा 
आवला - देश विदेश मे जीवन धाम से प्रसिद्ध श्री श्याम मंदिर मनौना धाम आवला वरेली मे प्रतिदिन हजारो की संख्या मे देश विदेश से श्याम भक्त पहुच रहे । बुद्धवार को देवशयनी एकादशी के मौके पर मनौना धाम पर भक्तो का सैलाव उमडा पडा श्याम भक्तो ने घंटो लाइन मे लगकर कर दर्शन किये ।
मनौना धाम महंत जी श्री ओमेन्द्र महाराज ने बताया कि हिंदू धर्म मे एकादशी व्रत का महत्वपूर्ण स्थान है प्रत्येक बर्ष चौबीस एकादशिया होती है उनमे आषढ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते है यह दिन जगत के पालन हार भवगान बिष्णु को समर्पित होता है धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत से पुण्य प्रताप से जातक को सभी तरह के सुखो की प्राप्ति होती है धार्मिक मत है कि देवशयनी एकादशी के दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु तथा मा लक्ष्मी की पूजा करने साधक को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और सुख समृद्धि मे वृद्धि होती है कही कही इस तिथि को पद्यनाभा भी कहते है सूर्य के मिथुन राशि मे आने पर यह एकादशी आती है इसी दिन से चातुर्मास का आरम्भ माना जाता है इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु क्षीर सागर मे शयन करते है और फिर लगभग चार माह वाद तुला राशि मे सूर्य के जाने पर उन्हे उठाया जाता है उस दिन को देवोत्थानी एकादशी कहा जाता है । मनौना धाम मीडिया प्रभारी ठा वेदपाल सिंह ने बताया कि 21 जुलाई को मनौना धाम मे गुरु पूर्णिमा दिवस मनाया जायेगा , जिन भक्तो ने पूज्य महंत जी महाराज श्री ओमेन्द्र महाराज जी से गुरु दक्षिणा ली है वो भक्त महंत जी का सम्मान कर आशीर्वाद लेगे , तथा अन्य भक्तो को दूर से आशीर्वाद देगे , तथा गुरु पूर्णिमा वाले दिन मरीजो को नही देख पायेंगे न आशीर्वाद दे पायेगे ।
देवशयनी एकादशी के मौके पर मनौना धाम मे तोरण द्वार से मंदिर परिसर तक सेवादारो ने पार्किग व्यवस्था , सडक पर जाम न लगे की व्यवस्था , भक्तो को दर्शन व्यवस्था , मरीज दिखाने की व्यवस्था , भक्तो की सुरक्षा व्यवस्था जिम्मेदारी के साथ संभाले रखी थी । वही मंदिर परिसर मे चल रहे भंडारो मे भक्त प्रसाद ग्रहण कर रहे थे ।
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