झोलाछाप की दुकान में नवजात की मौत पर कार्रवाई शून्य

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झोलाछाप की दुकान में नवजात की मौत पर कार्रवाई शून्य

Tuesday, July 9, 2024 | July 09, 2024 Last Updated 2024-07-09T07:11:46Z
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झोलाछाप की दुकान में नवजात की मौत पर कार्रवाई शून्य

संवाददाता शहाना बी सहसवान
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की वजह से झोलाछापों की दुकानों में लोगों की जान जा रही है। वहीं, विभाग कार्रवाई के नाम खानापूर्ति कर रहा है।

हाल ही में आसफपुर और दातागंज व बिनावर क्षेत्र में हुई मौतें इसका उदाहरण हैं। डीएम से शिकायत के बाद भी संचालकों पर कार्रवाई न होने से सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं।

सवाल यह है कि आखिर कब तक लोग इन अस्पतालों में अपनी जान गंवाते रहेंगे, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फर्जी दुकानों की जांच कर कार्रवाई करना उचित नहीं समझ रहे हैं।

झोलाछाप की दुकान में नवजात की मौत पर कार्रवाई शून्य

घटना पांच मई को सामने आई थी। कस्बा आसफपुर निवासी सुनील पुत्र रमेश चंद्र ने आलाधिकारियों को शिकायती पत्र 6 मई 2024 को दिया था। आरोप था

 कि प्रसव पीड़ा होने पर उसने अपनी पत्नी खुशबू को दूंदपुर स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। प्रसव के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से नवजात की मौत हो गई थी।

 विभाग ने इस मामले की कार्रवाई न करके संचालक से सांठगांठ कर ली। झोलाछाप की दुकान आज भी संचालित हो रही है।
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