बरेली 27 जुलाई भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने मंडल आयुक्त कार्यालय का किया घिराव जमकर नारेबाजी
मंडल आयुक्त कार्यालय में उपस्थित ना हो सकी भारतीय किसान यूनियन उग्र प्रदर्शन करने लगी चक्का जाम का दिया अल्टीमेटम अपर आयुक्त प्रीति जायसवाल ने किसानों को किया
शांत उल्लेखनीय रहे 27 जुलाई के लिए पूरे मंडल के चारों जिलों मासिक पंचायत का आयोजन निर्धारित तिथि पर किया गया नियोजित कार्यक्रम में मंडल आयुक्त महोदय के यहां जब कोई सक्षम अधिकारी नहीं मिला
भारतीय किसान यूनियन बिखर गई और उग्र आंदोलन का दे दिया अल्टीमेटम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने से मना कर दिया आज गन्ना समिति पर 11:00 से ही बदायूं शाहजहांपुर बरेली पीलीभीत के चारों जिला
अध्यक्ष अपने-अपने काफिले के साथ एकत्र होना शुरू हो गए थे 1:00 बजे के बाद मंडल अध्यक्ष सतविंदर सिंह कहलो अपने कई दर्जन गाड़ियों के साथ आए उन्होंने पंचायत का नेतृत्व किया और 2:00 बजे जुलूस की शक्ल में मंडल आयुक्त कार्यालय के लिए चौकी चौराहा
की तरफ रवाना हो गए उनके साथ मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह पीलीभीत जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा बदायूं जिला अध्यक्ष रमाशंकर शंख धार प्रदेश महासचिव चौधरी शीशपाल सिंह
आदि लोग मौजूद थे इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सतविंदर सिंह कहलो ने कहा किसान परेशान है मंडल में कई जिलों में गंगा का कहर बाढ़ बनकर आ गया है किसने की फैसले विद्युत कटौती से तबाह हो रही हैं किसान को परेशान किया जा रहा है किसान की दिशा सबसे ज्यादा खराब है
किसानों की तरफ मैं सरकार ध्यान देती है बाल किसानों पर जुल्म रहने का काम प्रशासन से कराया जाता है इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह ने कहा देश में दोहरी नीतियों का राज्य करने वाले सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे हैं
यह लोग ब्रिटिश हुकूमत से भी ज्यादा खतरनाक है 1938 में सरदार अजीत सिंह ने जट्टा पगड़ी संभाल आंदोलन के तहत किसानों को कर्ज में बहुत बड़ी राहत दिलवाई थी इस सरकार ने किसानों पर कर्ज को लेकर उन्हें हवालातों में डाला जा रहा है उनकी जमीन नीलाम की जा रही है
किसानों को बेइज्जत किया जा रहा है इस तरह आजाद मुल्क में भी किसानों के साथ नाइंसाफी हो रही है इस अवसर पर मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा देश में पूंजीपति विदेशी कंपनियों का ही पूरी तरह साम्राज्य स्थापित हो गया है
देश के गरीब कुचले मजनू मजदूर किसान नौजवान छात्रों के लिए बजट में भी कुछ नहीं दिया गया इस तरह देश के बुरे हालात हैं