लेखपालों के द्वारा दाखिल खारिज की आड़ में किसानों से हो रही अवैध वसूली के विरोध में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को सोपा ज्ञापन

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लेखपालों के द्वारा दाखिल खारिज की आड़ में किसानों से हो रही अवैध वसूली के विरोध में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को सोपा ज्ञापन

Thursday, August 1, 2024 | August 01, 2024 Last Updated 2024-08-01T16:28:43Z
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लेखपालों के द्वारा दाखिल खारिज की आड़ में किसानों से हो रही अवैध वसूली के विरोध में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को सोपा ज्ञापन

रामपुर। आपको बताते चलें कि जनपद के तहसील सदर में इस समय भ्रष्टाचार एवं किसानों के प्रति लेखपालों सहित तहसील में कार्यरत अन्य कर्मचारियों का दुर्व्यवहार चरम पर है जिसको लेकर आज जनता एवं अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है।


 जनता के हितों के साथ अपनी कुछ मांगो को लेकर आज दिनांक 1 अगस्त दिन गुरुवार को तहसील के अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के के चौरसिया को एक ज्ञापन सोपा। ज्ञापन में मांग की गई कि तहसील में हल्का लेखपालों के द्वारा किसानों से बैंनामे में दाखिल खारिज की रिपोर्ट लगाने के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है

जिसमें किसानों का उत्पीड़न होता है। तत्काल इस पर संज्ञान लिया जाए एवं रोक लगाई जाए। इसके अलावा ज्ञापन में मांग की गई कि जनपद रामपुर में तैनात समस्त लेखपालों का जनता व अधिवक्ताओं के प्रति व्यवहार सम्मानजनक न होने के साथ-साथ जनता से की जा रही रिश्वतखोरी रोकी जाए।

 साथ ही मांग की गई कि जो लेखपाल तहसील सदर जिला रामपुर में 3 साल से अधिक समय से एक ही क्षेत्र में है या एक ही तहसील में कई वर्षों से जमे हुए हैं ऐसे लेखपालों को तत्काल क्षेत्र या तहसील से स्थानांतरित किया जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई की हल्का लेखपाल जानबूझकर अपने हितों के लिए


अपने हलके में न जाकर केवल कार्यालय में बैठकर ही बिना किसी से पूछताछ के खतौनियों में अंश निर्धारण का कार्य किया जा रहा है जिसे पूर्ण रूप से अंश निर्धारण में त्रुटियां पाई जा रही हैं जिसमें गरीब किसान परेशान होकर तहसील के चक्कर काट रहा है


 और लेखपाल इसका फायदा उठाकर अंश निर्धारण ठीक करने के नाम पर मोटी रकम की वसूली कर रहे हैं जिसको लेकर इस व्यवस्था को ठीक करने की मांग की तथा दुरुस्तीकरण की प्रक्रिया राजस्व संहिता की धारा 38(6) के अंतर्गत सुलभ तरीके से कराई जाए

तथा लेखपालों को निर्देशित किया जाए कि वह स्वयं गांव जाकर खुली पंचायत में किसानों के अंश के बारे में जानकारी लेकर अंश निर्धारण का कार्य समय पर पूर्ण कराये। इसके अलावा ज्ञापन में मांग की गई 

की धारा 34 के अंतर्गत आदेश के पश्चात परवाना 8 दिन के अंदर अंदर चढ़ाया जाए तथा बैंक के भार मुक्त प्रमाण पत्र अगले दिन चढ़ाया जाए। साथ-साथ ज्ञापन में कहा गया कि खतौनी निकालने का समय पूर्व की भांति शाम 4 बजे तक रखा जाए।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई की दाखिल खारिज की मिसल दायर नहीं की जाती है और कहा जाता है कि लेखपाल से रिपोर्ट लगवाओ अतः इस प्रक्रिया को समाप्त कर दाखिल खारिज के मिसल पहले दायर कर दायरा कराया जाए। इसके अलावा यह भी मांग की गई


कि सरकारी आदेशों का पूर्ण रूप से पालन कर तहसील कार्यालय में बाहरी व्यक्तियों से किसी दशा में कार्य न कराया जाए। ज्ञापन में मांग की गई


कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनहित में मीडिया व अखबार के माध्यम से लगातार जानकारी दी जा रही है की नियत समय से समस्त तहसीलों संबंधित बाद निर्धारित समय सीमा के अंदर निपटाया जाए तथा न्यायालय में कार्यालय में अधिवक्ताओं का पूर्ण सम्मान दिया जाए।
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