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सस्पेंड इंस्पेक्टर रामसेवक करता था अफीम तस्करों की मुखबरी
वही दिन, वही महीना, वही रात,
22 अगस्त 2023 साल बदल गया लेकिन तारीख वही रही 22 अगस्त 2024 बरेली पुलिस की अफीम तस्करों से दोस्ती का किस्सा किसी से छुपा नहीं कुछ भी नहीं बदला 22 अगस्त 2023 को फतेहगंज पश्चिमी के तत्कालीन स्ट्रक्चर मनोज कुमार सिंह की तर्ज पर फरीदपुर के पूर्व स्पेक्टर रामसेवक ने भी तस्करों के सामने अपनी खाकी को गिरवी रख दिया
पूर्व इंस्पेक्टर रामसेन के तस्करों की मकबरा भी करता और उन पर पूर्व मुकदमे की जानकारी भी देता बचाव के रास्ते भी बताता जिससे फरीदपुर तहसील क्षेत्र में अफीम तस्कर देखो होकर काम करने लगे बरेली पुलिस और तस्करों की दोस्ती कोई नई बात नहीं अधिकारियों से ज्यादा तस्करों का थाने में दखल और उनके मजबूत नेटवर्क।
बीते वर्ष 22 अगस्त 2023 को फतेहगंज पश्चिमी के तत्कालीन इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह कुमार ,बाबर ,दिलदार ,हर्ष चौधरी मुनव्वर आलम ,हरीश कुमार को इसमें तस्करों से मिली भगत एवं उनकी मदद के आरोप में तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक घुले सुशील चंद्रभान की गोपनीय जांच में पता चला कि उक्त सभी सिपाही एवं इंस्पेक्टर तस्करों के लिए काम करते हैं तो पुलिस अधीक्षक के द्वारा सभी लोगों को सस्पेंड कर दिया गया।
अब 22 अगस्त 2024 को यही घटनाक्रम फरीदपुर में हुआ फरीदपुर के तत्कालीन स्पेक्टर रामसेवक पर तस्करों से ₹700000 लेकर उनको छोड़ने का आरोप लगा मुखबिर की सूचना पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक क्षेत्राधिकार फरीदपुर गौरव सिंह ने पूर्व इंस्पेक्टर रामसेवक के खिलाफ कोतवाली फरीदपुर में भ्रष्टाचार निवारण के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया है।
पूर्व इस्पेक्टर रामसेवक अब चौतरफा गिर गए हैं भ्रष्टाचार के मामले में फंसने पर आप उनके करोड़ों रुपए की संपत्ति भी जांच के दायरे में आ गई है ।विवेचक की ओर से आरोपी की तलाश के लिए जगह-जगह टीम भेजी गई है। रामसेवक के निवास हरदोई स्थित पीपल पाली गांव को भी एक टीम रवाना की गई है ।सर्विलांस पर घर वालों एवं उनके करीबियों के नंबर लगाए गए हैं ।
कई जगहों पर उनकी तलाश में दविश दी गई है। आरोपियों के नाम उसकी पत्नी व बच्चों के नाम संपत्तियां एवं बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। धन अर्जित करने के साधनों का भी पता लगाया जा रहा है ।प्रत्येक बिंदु पर जांच की जा रही है।
फरीदपुर थाना प्रभारी के रहते पूर्व इस्पेक्टर ने पकड़े हुए दो तस्करों को 7 लख रुपए लेकर छोड़ दिया था। चंद् घंटे में ही भेद खुलते ही आरोपी थाने की दीवार कूद कर फरार हो गया था। उसके उपरांत पुलिस अधीक्षक के द्वारा उसके कमरे की तलाशी लेने के दौरान 9,96000 रूप बरामद किए गए थे
कमरे में ही सीयूजी फोन व निजी फोन भी बरामद हुआ दोनों मोवाईलो को कब्जे में लेकर उनकी काल डिटेल भी निकलवाई गई ।बरादमगी के आधार पर तत्कालीन आरोपी के विरुद्ध उसी थाने में भ्रष्टाचार निवारन अधिनियम के अंतर्गत मुकद्दमा कराया गया अगले दिन बरिषठ पुलिस अधीक्षक ने इंस्पेक्टर के लिए वसूली करने वाले पांच और पुलिसकर्मियों रिजवान ,नीरज
,एहसान ,सौरभ कुमार एवं कृष्ण कुमार को सस्पेंड कर दिया था और दरोगा जावेद अली एवं अतुल वर्मा को लाईन हाजिर कर दिया गया। आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है। आरोपी पर जांच शुरू हुई तो पता चला कि आरोपी ने रिश्वत के रुपए से करोड़ों रुपए का अपना साम्राज्य खड़ा कर लिया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में रिपोर्ट के चलते संपत्तियों की विंदूवार जांच की जा रही है।
इसके साथ-साथ विवेचक की ओर से आरोपी के मूल पाते हरदोई के सुरक्षा थाना स्थित पिपरापाली गांव के पते पर राजस्व विभाग एवं बैंक से पत्राचार किया गया। एवं पुलिस टीम भी भेजी गई है।आरोपी की तलाश के लिए उसके घर वालों रिश्तेदारों एवं गरीबों के नंबर पर नजर रखी जा रही है। इन सभी के नंबरों को सर्वेलेंस पर लगा दिया गया है। एक-एक गतिविधि की नजर रखी जा रही है।