बहजोई महाविद्यालय बहजोई में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तहत "स्वच्छता ही सेवा" कार्यक्रम पखवाड़े के अंतर्गत "एकल उपयोग प्लास्टिक संग्रहण" कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
बहजोई महाविद्यालय बहजोई में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तहत "स्वच्छता ही सेवा" कार्यक्रम पखवाड़े के अंतर्गत "एकल उपयोग प्लास्टिक संग्रहण" कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रथम सत्र में स्वयंसेवियों ने शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए एक रैली का आयोजन किया, रैली को जनपद संभल के जिला विद्यालय निरीक्षक बेदराम, महाविद्यालय समिति के सचिव अजय कुमार आयरन और
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही स्वयंसेवियों ने बहजोई के भगवंतपुर वाली देवी मंदिर परिसर, बहजोई रेलवे स्टेशन परिसर एवं कांठ बाजार आदि
जगहों पर जाकर पॉलीथिन को इकट्ठा किया गया तथा इसके साथ ही स्वयंसेवियों ने जन-जन को स्वच्छता और पॉलीथीन प्रयोग के प्रति जागरूक किया और शहरवासियों से अपील की कि वह पॉलिथीन का प्रयोग न करें क्योंकि यह वातावरण को प्रदूषित करती हैं
जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं। पॉलीथिन संग्रहण में प्रथम स्थान पर सानियां बीए प्रथम सेमेस्टर की टीम रहीं जिसका नेतृत्व सलोनी रस्तोगी ने किया, द्वितीय स्थान पर रजनी शर्मा बीए प्रथम सेमेस्टर की टीम रहीं जिसका नेतृत्व प्रीति शर्मा ने किया
तथा तृतीय स्थान पर शशिवाला बीए तृतीय सेमेस्टर की टीम रही जिसका नेतृत्व तृप्ति आर्य ने किया। इसके साथ ही सुनील बीए प्रथम सेमेस्टर की टीम जिसका नेतृत्व श्रीनिवास सिंह यादव और रामतीरथ ने किया तथा श्रवण बीए प्रथम सेमेस्टर की टीम जिसका नेतृत्व गौरव वार्ष्णेय
और नेमपाल सिंह यादव की टीमों ने सांत्वना पुरस्कार जीते। कार्यक्रम के पश्चात इक्कठी की गई पॉलीथिन को नगर पालिका बहजोई की तरफ से आए मयंक कुमार और पंकज कुमार को सुपुर्द किया गया।
द्वितीय सत्र में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक बेदराम ने स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पॉलीथिन का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया हैं जो हमारे वातावरण के लिए अत्यंत हानिकारक हैं, इसलिए हमें पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
महाविद्यालय समिति के सचिव श्री अजय कुमार 'आयरन' ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि वर्तमान समय में पॉलीथिन का प्रयोग सर्वाधिक मात्रा में होने लगा हैं, जिसकी वजह से प्रदूषण की मात्रा बढ़ रही हैं इसकी वजह से विभिन्न प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं। अगर हमें इन बीमारियों से बचना हैं
तो पॉलीथिन की जगह कपड़े के थैले आदि का प्रयोग करना पड़ेगा। प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए पॉलीथीन के दुष्प्रभावों के बारे में बताया और इसके साथ ही इसके लिए उन्हें जागरूक किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गीता ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अगर हमें स्वस्थ्य रहना हैं
तो स्वच्छता के प्रति जागरूक रहना पड़ेगा और जिस पॉलीथिन का प्रयोग हम बड़े शौक से करते हैं वह बंद करना पड़ेगा तथा हमें पॉलीथिन के प्रति समाज को भी जागरूक करना पड़ेगा तभी हम गांधी जी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार कर सकते हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय स्टाफ भगवान सिंह चौहान, मनोज कुमार यादव, दीप्ति रानी, संजय कुमार, सलोनी रस्तोगी, डॉ. बलवीर सिंह, पूजा शर्मा, प्रीति शर्मा, श्रीनिवास सिंह यादव, रामतीरथ, नेमपाल सिंह यादव, गौरव वार्ष्णेय, तृप्ति आर्य, भुवनेश कुमार, राजीव कुमार आदि मौजूद रहे।